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PPFAS के राजीव ठक्कर और नील पारीख ने बताए इनवेस्टमेंट के मंत्र, कहा-इंडियन मार्केट की ग्रोथ उनके अनुमान से ज्यादा रही

ठक्कर ने कहा कि उन्होंने अपना ग्रेजुएशन तब पूरा किया था, जब मार्केट बूम पर था। यह हर्षद मेहता का पीरियड था। तब NSE की शुरुआत नहीं हुई थी। आवाज लगाकर शेयरों का ट्रांजेक्शन होता था और ओनरशिप के रूप में फिजिकल सर्टिफिकेट दिए जाते थे। तब और अब के बीच बहुत बड़ा फर्क आ गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 29, 2023 पर 5:34 PM
PPFAS के राजीव ठक्कर और नील पारीख ने बताए इनवेस्टमेंट के मंत्र, कहा-इंडियन मार्केट की ग्रोथ उनके अनुमान से ज्यादा रही
राजीव ठक्कर के साथ PPFAS MF के नील पारीख ने भी मनीकंट्रोल से बातचीत की। दोनों ने स्टॉक मार्केट को लेकर अपने एक्सपीरियंस सहित कई मसलों पर खुलकर चर्चा की।

इंडियन मार्केट ने पिछले कुछ सालों में शानदार ग्रोथ दिखाई है। इस तरह की ग्रोथ का अंदाजा एक्सपर्ट्स को भी नहीं था। PPFAS Asset Management Company के CIO और डायरेक्टर राजीव ठक्कर ने हाल में इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 2005 में PPFAS ने अपने 25 साल पूरे किए थे। तब उन्होंने अंदाजा लगाया था कि 2030 तक कंपनी की PMS का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। लेकिन, आज PPFAS Asset Management Company करीब 38,000 करोड़ रुपये एसेट का प्रबंधन कर रही है। उन्होंने बताया कि इतनी ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद उन्हें नहीं थी। ठक्कर के साथ PPFAS MF के नील पारीख ने भी मनीकंट्रोल से बातचीत की। दोनों ने स्टॉक मार्केट को लेकर अपने एक्सपीरियंस सहित कई मसलों पर खुलकर चर्चा की।

आवाज लगाकर होता था शेयरों का ट्रांजेक्शन

ठक्कर ने कहा कि उन्होंने अपना ग्रेजुएशन तब पूरा किया था, जब मार्केट बूम पर था। यह हर्षद मेहता का पीरियड था। तब NSE की शुरुआत नहीं हुई थी। आवाज लगाकर शेयरों का ट्रांजेक्शन होता था और ओनरशिप के रूप में फिजिकल सर्टिफिकेट दिए जाते थे। उन्होंने कहा, "मैंने अपना प्रोफेशनल सफर मर्चेंट बैंकर से 1994 में शुरू किया था। 1996 तक आईपीओ मार्केट में सूखा शुरू हो गया था। फिर मैं गवर्नमेंट बॉन्ड्स में शिफ्ट हो गया, जहां 2003 तक रहा।"

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