PMAY-U 2.0: शहरों में रहने वाले उन परिवारों के लिए अच्छी खबर है, जो अब तक अपना पक्का घर नहीं बना पाए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत सरकार शहरी क्षेत्रों में लोगों को घर बनाने, खरीदने या किराये पर रहने के लिए आर्थिक मदद दे रही है। यह योजना 2024 से 2029 तक पांच साल के लिए लागू रहेगी।
यह योजना उन परिवारों के लिए है, जिनके पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं है। न ही खुद के नाम पर और न ही परिवार के किसी सदस्य के नाम पर घर है। योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के शहरी परिवारों को दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार लाभार्थी नया घर बना सकते हैं, घर खरीद सकते हैं या रेंटल हाउसिंग का ऑप्शन चुन सकते हैं।
EWS: सालाना आय 3 लाख रुपये तक
LIG: सालाना आय 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये तक
MIG: सालाना आय 6 लाख रुपये से 9 लाख रुपये तक
जियो-टैगिंग क्या है और क्यों जरूरी?
योजना में पारदर्शिता और निगरानी के लिए जियो-टैगिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें निर्माण से जुड़ी फोटो, वीडियो और लोकेशन डिटेल्स को रिकॉर्ड किया जाता है, ताकि काम की प्रोग्रेस को प्रगति रियल-टाइम में देखा जा सके।
Affordable Housing in Partnership (AHP) प्रोजेक्ट्स में जियो-टैगिंग 5 चरणों में होगी। लेआउट, फाउंडेशन, सुपर-स्ट्रक्चर, फिनिशिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित ये स्टेप्स होंगे। प्रोजेक्ट की लोकेशन, टावरों की संख्या और फ्लैट्स का डेटा BHARAT ऐप के जरिए दर्ज किया जाएगा। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में यह व्यवस्था पहले ही सफल रही है।
जो लोग पिछले 20 सालों में केंद्र, राज्य या स्थानीय निकाय की किसी भी हाउसिंग योजना का लाभ ले चुके हैं, वे PMAY-U 2.0 के लिए पात्र नहीं होंगे। इसका मकसद यह तय करना है कि मदद पहली बार घर पाने वालों तक ही पहुंचे।
PMAY-U 2.0 को मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग और अर्बन अफेयर लागू चला रहा है। PMAY-U 2.0 शहरी परिवारों के लिए घर का सपना पूरा करने का बड़ा मौका है। अगर आप पात्र हैं, तो इनकम लिमिट और शर्तें ध्यान से जांचें और समय रहते अप्लाई करें।