भारत के मोस्ट वांटेड भगोड़े दाऊद इब्राहिम से जुड़ी जमीन को खरीदार मिल गया है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में स्थित उसकी पैतृक कृषि जमीनों को आखिरकार खरीदार मिल गया है। 5 मार्च 2026 को हुई नीलामी में मुंबई के एक व्यक्ति ने इन चारों प्लॉट को सबसे ऊंची बोली लगाकर खरीद लिया।
ये जमीनें रत्नागिरी के खेड़ तालुका के मुम्बाके गांव में स्थित हैं, जिसे दाऊद इब्राहिम का पैतृक गांव माना जाता है। बताया जाता है कि इनमें से कई जमीनें पहले उसकी मां अमीना बी के नाम पर दर्ज थीं। सरकार ने इन संपत्तियों को SAFEMA यानी स्मगलर्स और फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट के तहत जब्त कर नीलामी के लिए रखा था।
इस नीलामी में चारों प्लॉट एक ही खरीदार ने लिए। इनमें सबसे बड़ा प्लॉट (सर्वे नंबर 442) करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा में बिका, जबकि बाकी तीन प्लॉट भी अलग-अलग कीमतों पर बिके। अब खरीदार को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पूरी रकम जमा करनी होगी, जिसके बाद यह प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
इन जमीनों की नीलामी पहली बार नहीं हुई है। पिछले कई सालों से सरकार इन्हें बेचने की कोशिश कर रही थी। 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी नीलामी हुई, लेकिन या तो खरीदार नहीं मिले या बोली पूरी नहीं हो पाई। कई बार दाऊद इब्राहिम के नाम से जुड़े होने के कारण लोग इन संपत्तियों को खरीदने से बचते रहे।
इन नीलामियों में दिल्ली के वकील अजय श्रीवास्तव भी कई बार चर्चा में रहे। उन्होंने पहले भी दाऊद से जुड़ी कुछ संपत्तियां खरीदी थीं, लेकिन कई मामलों में भुगतान न होने या कानूनी विवाद के कारण डील पूरी नहीं हो पाई।
दाऊद इब्राहिम भारत का सबसे वांछित अपराधी माना जाता है। उस पर 1993 मुंबई ब्लास्ट का आरोप है, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। भारतीय एजेंसियों का मानना है कि वह पाकिस्तान में छिपा हुआ है।