जेपी विशटाउन के 20,000 पेंडिंग फ्लैट्स पर बड़ा अपडेट! सुरक्षा ग्रुप मई 2028 तक सौंपेगा पजेशन, ₹3000 करोड़ का होगा निवेश
Housing Scheme News: सुरक्षा ग्रुप ने जेपी इंफ्राटेक (JIL) के जेपी विशटाउन प्रोजेक्ट में फंसे 20,000 से अधिक घरों का निर्माण पूरा कर मई 2028 तक घर खरीदारों को पजेशन सौंपने का वादा किया है। सुरक्षा ग्रुप के टेकओवर के समय रुके हुए 159 टावरों में से 84 टावरों का काम अब पूरा हो चुका है। कंपनी टेकओवर के बाद अब तक 50% से अधिक निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है
Housing Scheme News: जेपी विशटाउन के 20000 पेंडिंग फ्लैट्स पर बड़ा अपडेट सामने आया है
Housing Scheme News: Jaypee Wishtown के हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए बड़ी खबर है। Suraksha Group ने मई 2028 तक Jaypee Wishtown में करीब 20,000 घरों को पूरा कर खरीदारों को सौंपने का लक्ष्य रखा है। यह परियोजना लंबे समय से निर्माण में देरी और अनिश्चितता का सामना कर रही थी। Jaypee Infrastructure की दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुए भी करीब एक दशक होने जा रहा है।
Suraksha Group ने बताया कि जब उसने Jaypee Infrastructure Ltd. (JIL) की परियोजना की जिम्मेदारी संभाली थी, उस समय 159 टावरों का निर्माण रुका हुआ था। इनमें से अब तक 84 टावर पूरे किए जा चुके हैं। कंपनी के मुताबिक, परियोजना में निर्धारित निर्माण का लगभग 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
5 हजार फ्लैटों का दिया जा चुका है कब्जा
Suraksha के प्रमोटर सुधीर वालिया ने बताया कि कंपनी अब तक करीब 5,000 फ्लैटों का कब्जा होमबायर्स को दे चुकी है। इसके अलावा लगभग 3,000 फ्लैट पूरी तरह यूनिट ऐसी हैं, जिनका कब्जा अभी बाकी है, क्योंकि संबंधित खरीदारों ने कंपनी से संपर्क नहीं किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि तैयार फ्लैटों का कब्जा लेने के लिए खरीदारों से संपर्क करने की अपील की जा रही है।
अगले दो साल में 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश
Suraksha Group के मुताबिक, कंपनी अब तक परियोजना में करीब 1,500 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है। अब शेष घरों को पूरा करने और परियोजना को गति देने के लिए अगले दो वर्षों में करीब 3,000 करोड़ रुपये और खर्च करने की योजना है।
कंपनी का मुख्य लक्ष्य मई 2028 तक 20 हजार घरों को पूरा कर उनका हैंडओवर करना है। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि अगर सर्दियों के दौरान निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो निर्धारित समयसीमा में करीब छह महीने तक की देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में परियोजना का काम सितंबर 2028 तक खिंच सकता है।
कंपनी ने दिया निर्माण में तेजी का भरोसा
Suraksha का कहना है कि Jaypee Wishtown में निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि परियोजना की जिम्मेदारी लेने के बाद से अब तक नियोजित निर्माण का लगभग आधा हिस्सा पूरा किया जा चुका है।
Suraksha Promoter की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, करीब 5,000 फ्लैटों का कब्जा पहले ही दिया जा चुका है, जबकि लगभग 3,000 तैयार यूनिट का कब्जा खरीदारों के कंपनी से संपर्क नहीं करने के कारण लंबित है।
Wishtown में बनेगा बड़ा Sports Park
Suraksha Group सिर्फ फ्लैटों का निर्माण पूरा करने तक सीमित नहीं है। कंपनी ने Wishtown के सामाजिक और मनोरंजन से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने की भी योजना बनाई है। कंपनी के 'Noida Ki Suraksha' पहल के तहत करीब 85 एकड़ में Suraksha Sports Park विकसित करने की योजना है। इसमें क्रिकेट ग्राउंड के साथ-साथ कई अन्य खेलों के लिए कोर्ट भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा सेक्टर-133 में एक मंदिर विकसित करने की भी योजना है।
Wishtown में Experience Centre शुरू
कंपनी ने सोमवार को Jaypee Wishtown में अपना Experience Centre भी शुरू किया। यहां मौजूदा परियोजनाओं के साथ-साथ नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास आने वाले नए प्रोजेक्ट्स की जानकारी और उनकी योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
तीन बड़े Integrated Township प्रोजेक्ट की तैयारी
Suraksha Group ने तीन नए Integrated Township प्रोजेक्ट की भी घोषणा की है। इनमेें:-
City of Ganga: - 256 एकड़ में विकसित किया जाएगा।
Enterprise City:- 85 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में प्रस्तावित है।
Yamuna Smart City - 24 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी।
इनमें दो प्रोजेक्ट रेजिडेंशियल और एक इंडस्ट्रियल होगा। कंपनी की योजना है कि इन प्रोजेक्ट्स को लेकर इसी वित्त वर्ष में लॉन्च किया जाए।
लंबे इंतजार के बाद खरीदारों को उम्मीद
Jaypee Wishtown के खरीदार लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं। प्रोजेक्ट के दिवालिया प्रक्रिया में जाने और निर्माण में लगातार देरी के कारण हजारों होमबायर्स की परेशानी बढ़ गई थी। अब Suraksha Group के मई 2028 तक 20 हजार घरों को पूरा करने के लक्ष्य से खरीदारों को अपने घर मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, कंपनी ने सर्दियों में निर्माण प्रतिबंध की स्थिति में सितंबर 2028 तक की संभावित देरी का भी संकेत दिया है।