सुपरटेक ट्विन टावर्स (Supertech Twin Towers) को गिराए (Demolition) जाने के बाद, जो 30,000 टन मलबा (Debris) जमा हुआ है, उसे रिसाइकिल (Recycle) करने बाद 50 लाख रुपये कमाए जाएंगे। दूसरी तरफ एक रिसाइकिलर्स ने ये भी बताया कि इस पर कम से कम 2.5 लाख रुपए (5%) GST भी लगेगा। हर एक रिसाइकिल प्रीकास्ट प्रोडक्ट जिसमें सीमेंट/कंक्रीट सामग्री होती है, उस पर 18% की दर से GST लगता है। दूसरे प्रोडक्ट्स पर 5% GST लगता है।
कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट रिसाइकिलर्स ने Moneycontrol को बताया कि खासकर भारत में नीतिगत हस्तक्षेप के अभाव में, ग्राहक अक्सर रिसाइकल वाले के बजाय प्राकृतिक संसाधनों से बने प्रोडक्ट को खरीदने के लिए प्रेरित करता है।
ट्विन टावर्स के मलबे का क्या होगा?
ट्विन टावर्स 28 अगस्त को सिर्फ 12 सेकंड के भीतर जमींदोज हो गए थे, लेकिन कम से कम 80,000 टन मलबे के पहाड़ को अपने पीछे छोड़ दिया।
इस विध्वंस को करने वाली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग के अनुसार, 30,000 टन कचरे को नोएडा सेक्टर 80 में एक रीसाइक्लिंग प्लांट में ले जाया जाएगा।
री सस्टेनेबिलिटी, मलबे को रिसाइकिल करने और इसे निर्माण सामग्री में बदलने के लिए जिम्मेदार कंपनी ने Moneycontrol को बताया कि इस रिपोर्ट को लिखे जाने से पहले कम से कम 500 टन का पहला लोड पहले ही रीसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंच चुका था।
री सस्टेनेबिलिटी के प्रोजेक्ट हेड मुकेश धीमान ने कहा, "हमने पहले से ही अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दिया है, ताकि हर दिन अतिरिक्त 300 टन कचरे को डबल शिफ्ट में प्रोसेस किया जा सके।" उन्होंने कहा, "हम अगले तीन महीनों में कम से कम 28,000 टन को प्रोसेस करने में सक्षम होंगे।"
5 एकड़ में फैले रीसाइक्लिंग प्लांट में पहुंचने के बाद, मलबे को जॉ क्रशर और दूसरी मशीनों में प्रोसेस किया जाएगा, ताकि कई सारे रिसाइकिल्ड प्रोडक्ट तैयार किए जा सकें।
इन प्रोडक्ट्स में 10 mm, 20 mm, 30 mm, और 40 mm एग्रीगेटिड पार्टिकल्स, फाइन मैन्युफैक्चरिंग सीमेंट (M-Cement), और Coarse (मोटे पार्टिकल) रिसाइकिल्ड एग्रीगेटिड शामिल हैं।
इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल टाइल, फुटपाथ भरने, ईंटों और ब्लॉकों जैसे पेवर ब्लॉक बनाने के लिए किया जाएगा। बड़े एग्रीगेट्स का इस्तेमाल जल निकासी की दीवारों, घर के प्लास्टर और सड़क प्रोजेक्ट्स में भी किया जाएगा।
2018 और 2019 के बीच, निर्माण मलबे के रिसाइकिल्ड मटेरियल पर GST रेट को 5 प्रतिशत या उससे कम करने पर कई सार्वजनिक बहसें हुईं। धीमान ने कहा कि कई रिसाइकलर्स ने वित्त मंत्रालय से संपर्क भी किया था। हालांकि, यह मामला अभी भी लंबित है।
री सस्टेनेबिलिटी के CEO मसूद मलिक ने कहा, "हम अपने पास आने वाले लगभग 98 प्रतिशत कचरे को इस्तेमाल किए जाने वाले मटेरियस में बदल सकते हैं।"