उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। रियल एस्टेट रेगुलेटर ने फ्लैट खरीदने के प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाया है। यूपी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए) ने पजेशन ऑफर लेटर का एक मॉडल फॉरमैट पेश किया है। इसमें लेटर के मकसद और लैंग्वेज को एक जैसा रखने की कोशिश की गई है। दरअसल यूपी रेरा को शिकायत मिली थी कि रियल एस्टेट कंपनियां फ्लैट खरीदारों को अलग-अलग फॉरमैट में पजेशन ऑफर लेटर जारी करती हैं। इससे उलझन की स्थिति बन जाती है।
अब पजेशन लेटर भेजने से पहले ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट लेना होगा
यूपी रेरा (UPRERA) ने एक दूसरा बदलाव भी किया है। इसके तहत अब रियल एस्टेट कंपनियों को घर खरीदारों को पजेशन का ऑफर लेटर भेजने से पहले ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) या कंप्लिशन सर्टिफिकेट (CC) लेना अनिवार्य होगा। पजेशन ऑफर लेटर (Possession Offer Letter) का मतलब ऐसे लेटर से है, जिसे रियल एस्टेट कंपनी घर का पजेशन लेने के लिए घर खरीदार को भेजती है। सोलोमन एंड कंपनी के पार्टनर किंजल चंपानेरिया ने कहा, "यह लेटर बताता है कि घर बेचने के एग्रीमेंट में डेवलपर के ऑब्लिगेशन पूरे हो गए हैं और घर बनकर तैयार हो गया है। घर खरीदार इसका पजेशन ले सकता है।"
कंस्ट्रक्शन वर्क बाकी होने स्पष्ट रूप से बताना होगा
यूपी रेरा ने 8 जून को बताया था कि पजेशन के ऑफर लेटर का मॉडल प्रमोटर्स की मनमानी खत्म करने के लिए बनाया गया है। पजेशन ऑफर लेटर ऐसा होना चाहिए जिसमें यह बताया जाए कि एलॉटी को घर का कब्जा लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। अगर घर में कोई कंस्ट्रक्शन वर्क बाकी है तो प्रमोटर को इसके बारे में स्पष्ट रूप से बताना होगा। उसे यह भी बताना होगा कि बाकी कंस्ट्रक्शन वर्क को पूरा करने में कितना समय लगेगा।
डिमांड नोटिस को पजेशन लेटर नहीं माना जाएगा
अगर एलॉटी के ऊपर किसी तरह की लायबिलिटी है तो यह एग्रीमेंट ऑफ सेल के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए और इसका लीगल जस्टिफिकेशन साबित होना चाहिए। डिमांड नोटिस, फाइनल डिमांड नोटिस और ऑफर ऑफ पजेशन या इस तरह के लैंग्वेज को ऑफर ऑफ पजेशन लेटर नहीं माना जाएगा। यूपी रेरा ने बताया है कि मॉडल लेटर घर खरीदारों के फायदे के लिए पेश किया गया है।
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मॉडल पजेशन लेटर से उलझन की स्थिति दूर होगी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूपी रेरा के मॉडल पजेशन ऑफर लेटर से कुछ हद तक उलझन की स्थिति दूर हो जाएगी। चूंकि इसे सिर्फ OC या CC मिलने के बाद जारी किया जा सकता है, जिससे घर खरीदार अपने घर का पजेशन लेने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। इसकी वजह यह है कि अगर फ्लैट में किसी तरह का कंस्ट्रक्शन वर्क बाकी है तो रियल एस्टेट कंपनी को उस बारे में स्पष्ट रूप से बताना होगा। उसे यह भी बताना होगा कि यह काम कब तक पूरा हो जाएगा।