यूपी रेरा ने पजेशन लेटर का मॉडल फॉरमैट जारी किया, जानिए इससे घर खरीदारों को कितना फायदा होगा

यूपी रेरा को पजेशन लेटर के बारे में घर खरीदारों की तरफ से कई शिकायतें मिली थीं। उनका कहना था कि पजेशन लेटर का एक निश्चित फॉरमैट नहीं होने से काफी उलझन पैदा होती है। इस प्रॉब्लम को खत्म करने के लिए यूपी रेरा ने मॉडल पजेशन लेटर इश्यू किया है

अपडेटेड Jun 18, 2024 पर 10:58 AM
Story continues below Advertisement
अब रियल एस्टेट कंपनियों को घर खरीदारों को पजेशन ऑफर लेटर भेजने से पहले ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) या कंप्लिशन सर्टिफिकेट (CC) लेना अनिवार्य होगा।

उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। रियल एस्टेट रेगुलेटर ने फ्लैट खरीदने के प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाया है। यूपी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए) ने पजेशन ऑफर लेटर का एक मॉडल फॉरमैट पेश किया है। इसमें लेटर के मकसद और लैंग्वेज को एक जैसा रखने की कोशिश की गई है। दरअसल यूपी रेरा को शिकायत मिली थी कि रियल एस्टेट कंपनियां फ्लैट खरीदारों को अलग-अलग फॉरमैट में पजेशन ऑफर लेटर जारी करती हैं। इससे उलझन की स्थिति बन जाती है।

अब पजेशन लेटर भेजने से पहले ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट लेना होगा

यूपी रेरा (UPRERA) ने एक दूसरा बदलाव भी किया है। इसके तहत अब रियल एस्टेट कंपनियों को घर खरीदारों को पजेशन का ऑफर लेटर भेजने से पहले ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) या कंप्लिशन सर्टिफिकेट (CC) लेना अनिवार्य होगा। पजेशन ऑफर लेटर (Possession Offer Letter) का मतलब ऐसे लेटर से है, जिसे रियल एस्टेट कंपनी घर का पजेशन लेने के लिए घर खरीदार को भेजती है। सोलोमन एंड कंपनी के पार्टनर किंजल चंपानेरिया ने कहा, "यह लेटर बताता है कि घर बेचने के एग्रीमेंट में डेवलपर के ऑब्लिगेशन पूरे हो गए हैं और घर बनकर तैयार हो गया है। घर खरीदार इसका पजेशन ले सकता है।"


कंस्ट्रक्शन वर्क बाकी होने स्पष्ट रूप से बताना होगा

यूपी रेरा ने 8 जून को बताया था कि पजेशन के ऑफर लेटर का मॉडल प्रमोटर्स की मनमानी खत्म करने के लिए बनाया गया है। पजेशन ऑफर लेटर ऐसा होना चाहिए जिसमें यह बताया जाए कि एलॉटी को घर का कब्जा लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। अगर घर में कोई कंस्ट्रक्शन वर्क बाकी है तो प्रमोटर को इसके बारे में स्पष्ट रूप से बताना होगा। उसे यह भी बताना होगा कि बाकी कंस्ट्रक्शन वर्क को पूरा करने में कितना समय लगेगा।

डिमांड नोटिस को पजेशन लेटर नहीं माना जाएगा

अगर एलॉटी के ऊपर किसी तरह की लायबिलिटी है तो यह एग्रीमेंट ऑफ सेल के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए और इसका लीगल जस्टिफिकेशन साबित होना चाहिए। डिमांड नोटिस, फाइनल डिमांड नोटिस और ऑफर ऑफ पजेशन या इस तरह के लैंग्वेज को ऑफर ऑफ पजेशन लेटर नहीं माना जाएगा। यूपी रेरा ने बताया है कि मॉडल लेटर घर खरीदारों के फायदे के लिए पेश किया गया है।

यह भी पढ़ें: Affordable Home sales: आठ बड़े शहरों में घटी सस्ते घरों की बिक्री, मार्च तिमाही में 4% की गिरावट

मॉडल पजेशन लेटर से उलझन की स्थिति दूर होगी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूपी रेरा के मॉडल पजेशन ऑफर लेटर से कुछ हद तक उलझन की स्थिति दूर हो जाएगी। चूंकि इसे सिर्फ OC या CC मिलने के बाद जारी किया जा सकता है, जिससे घर खरीदार अपने घर का पजेशन लेने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। इसकी वजह यह है कि अगर फ्लैट में किसी तरह का कंस्ट्रक्शन वर्क बाकी है तो रियल एस्टेट कंपनी को उस बारे में स्पष्ट रूप से बताना होगा। उसे यह भी बताना होगा कि यह काम कब तक पूरा हो जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।