पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने रविवार को महिलाओं के लिए एक नई योजना की घोषणा की। इसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे। वहीं अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये महीने की मदद मिलेगी। महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक मदद देना 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले AAP का एक प्रमुख चुनावी वादा था।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य की विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह बजट 2.60 लाख करोड़ रुपये का है। इस दौरान उन्होंने 'मुख मंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' (मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना) लागू करने की घोषणा की। इसके तहत राज्य सरकार महिलाओं के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करेगी।
भगवंत मान सरकार ने पंजाब में सत्ता में आने के लगभग 4 साल बाद इस नई योजना की शुरुआत की है। चीमा ने कहा कि एससी समुदाय की महिलाओं के खातों में सरकार हर महीने 1,500 रुपये भेजेगी। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर की गई। यह पहली बार है जब राज्य का बजट रविवार को पेश किया गया है।
पंजाब के वित्त मंत्री ने इस योजना को महिलाओं के लिए दुनिया की पहली 'यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर' योजना बताया। उन्होंने कहा, "पंजाब में 18 वर्ष से अधिक आयु की हर महिला इस योजना के लिए पात्र होगी। केवल वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, पूर्व और वर्तमान सांसद/विधायक और आयकर दाताओं को इससे बाहर रखा गया है।" चीमा के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन (वृद्धावस्था, विधवा या विकलांगता पेंशन) लेने वाली महिलाएं भी इस योजना का फायदा पा सकेंगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी।
स्कीम पर FY27 में 9300 करोड़ रुपये होंगे खर्च
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना, घरेलू निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार करना और लड़कियों की उच्च शिक्षा और आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करना है। चीमा ने स्कीम को पारदर्शी तरीके से और समय पर लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। वर्ष 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार का यह आखिरी बजट है।