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फाइनेंस से जुड़े इन बड़े कामों को फटाफट कर लें पूरा, सिर्फ बचे हैं 2 दिन

अगर आप टैक्स पेयर्स हैं और टैक्स में छूट चाहते हैं, तो इन तरीकों को अपनाएं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 28, 2021 पर 1:01 PM
फाइनेंस से जुड़े इन बड़े कामों को फटाफट कर लें पूरा, सिर्फ बचे हैं 2 दिन

यहां हम आपको कुछ ऐसे कामों के बारे में बता रहे हैं जो आमतौर पर फाइनेंशियल ईयर के पहले महीने में पूरे कर लिए जाते हैं। इस समय फाइनेंशियल का पहला महीना अप्रैल चल रहा है। हम आपको कुछ ऐसे बेहतर तरीके बता रहे हैं ताकि आपके नियत समय से पूरे हो जाएं।

फॉर्म 15G/15H सब्मिट करें

अगर टैक्स पेयर्स की FD से सालाना ब्याज आय या डिविडेंड (dividend) से आय कुल सालाना आय उस लिमिट तक नहीं हैं, जहां टैक्स के दायरे में आएं तो बैंक TDS नहीं काट सकते हैं। ऐसे में बैंक TDS न काटे इसके लिए सीनियर सिटीजन को फॉर्म 15H और जो सीनियर सिटीजन्स नहीं हैं उन्हें फॉर्म 15G जमा करना होता है। इसके लिए उन्हें एक घोषणा पत्र देना होता है। इस पॉर्म को हर साल फाइनेंशियल ईयर के शुरुआत में जमा करना होता है।   

टैक्स प्लानिंग की शुरुआत करें

व्यक्तिगत तौर पर टैक्स पेयर्स को अपना टैक्स बचाने के लिए निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। यह निवेश शॉर्ट टर्म के लिए नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म के लिए होना चाहिए। अगर आप जल्द ही शुरु कर देते हैं तो आपको बेहतर मौका है।

PPF में करें निवेश

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी सार्वजनिक भविष्य निधि (Public Provident Fund -PPF) देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित और सबसे अच्छा ब्याज देने वाली स्कीम है। रिटायरमेंट के लिहाज से निवेश करना अच्छा है। इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। बेहतर रिटर्न पाने के लिए PPF में जितना जल्दी हो सके निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। इसमें फाइनेंशियल ईयर के शुरुआत में ही निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। 

PPF में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए इस बात को ध्यान रखना चाहिए। PPF के नियम के अनुसार अगर आपने किसी महीने में 5 तारीख के पहले रकम डाल दी है, तो आपको उसमें ब्याज मिलेगा। लिहाजा ब्याज का लाभ लेने के लिए 5 तारीख के पहले रकम डाल दें।

PPF अकाउंट पर दी जाने वाली ब्याज दर की गणना महीने के पांचवें दिन और महीने के आखिरी दिन के बीच अकाउंट में मिनिमम अमाउंट पर की जाती है।

अगर जरूरत है तो PF के कंट्रीब्यूशन में करें बदलाव

केंद्र सरकार ने बजट 2021 (Budget 2021) में घोषणा की थी अगर आपके Employees Provident Fund (EPF) और Voluntary Provident Fund (VPF) अकाउंट में 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा का निवेश हो रहा है तो आपको अतिरिक्त निवेश से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स चुकाना होगा। ऐसे में ग्राहकों को इस फाइनेंशियल ईयर के लिए जल्द से जल्द इस पर विचार करना चाहिए।

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