पैशन के लिए छोड़ दी लाखों की नौकरी, जानिए आप कैसे 60 से पहले कर सकते हैं ऐसी आरामदायक रिटायरमेंट प्लान

कॉरपोरेट ऑफिस की चमक-दमक, मोटी सैलरी और एयर-कंडीशंड मीटिंग रूम छोड़कर कोई कैमरा थाम ले.. फैशन इंडस्ट्री के ग्लैमर छोड़कर वक्त से पहले रिटायर हो जाए या फिर हाई-प्रोफाइल पोस्ट छोड़कर अपने शहर का इतिहास संजोने निकल पड़े। ये सुनने में किसी फिल्म की कहानी लगती है

अपडेटेड Aug 12, 2025 पर 2:24 PM
Story continues below Advertisement
सही फाइनेंशियल प्लानिंग ने इन लोगों को 9-से-5 की दौड़ से आजादी दिलाई।

कॉरपोरेट ऑफिस की चमक-दमक, मोटी सैलरी और एयर-कंडीशंड मीटिंग रूम छोड़कर कोई कैमरा थाम ले.. फैशन इंडस्ट्री के ग्लैमर छोड़कर वक्त से पहले रिटायर हो जाए या फिर हाई-प्रोफाइल पोस्ट छोड़कर अपने शहर का इतिहास संजोने निकल पड़े। ये सुनने में किसी फिल्म की कहानी लगती है। लेकिन ये तीनों कहानियां असल जिंदगी की हैं, जहां सही फाइनेंशियल प्लानिंग ने इन लोगों को 9-से-5 की दौड़ से आजादी दिलाई। अपने पैशन को कमाई का जरिया बनाने का हौसला दिया। जानिये इन्होंने कैसे किये ये कमाल।

मयूर चन्नगेरे (48), बेंगलुरु

मयूर चन्नगेरे ने 33 साल की उम्र में इंफोसिस की शानदार कंसल्टिंग जॉब छोड़कर फोटोग्राफी को अपना करियर बना लिया। उन्होंने महज 50,000 रुपये से शुरुआत की। अपने स्वयं के पैसे से अपनी कंपनी Agna Productions शुरू की। उनकी पत्नी की इनकम 30 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड और सालों से चल रही म्यूचुअल फंड SIPs ने उन्हें यह कदम उठाने का भरोसा दिया। मयूर का टारगेट था कि पहले साल में ही अपनी पुरानी सालाना सैलरी 12 से 15 लाख रुपये के बराबर कमाई करें और उन्होंने इसे हासिल किया भी। वे कहते हैं कि हमने सालों प्लानिंग की थी और पता था कि बिजनेस को कैसे सफल बनाना है

अपरूपा और सुजॉय एस नंदी (45), पानीपत

पानीपत के इस दंपति ने FIRE यानी Financial Independence, Retire Early) रणनीति अपनाई। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) के पूर्व छात्रों ने अपनी ज्वाइंट इनकम का 50% से ज्यादा SIPs, PMS और गोल्ड में निवेश किया। कभी लाइफस्टाइल इंफ्लेशन को हावी नहीं होने दिया। नतीजा, आज इनके पास करीब 13 करोड़ का कॉर्पस है, जो 18% (XIRR) रिटर्न दे रहा है। यह रकम उन्हें 45 की उम्र में रिटायरमेंट की आजादी देती है। हालांकि, सुजॉय अभी भी काम कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही नौकरी छोड़ने की योजना है


उदय कुमार (57), बेंगलुरु

उदय कुमार ने 52 साल की उम्र में Schneider Electric Software India में टॉप पोजिशन छोड़ दी। वजह? 2017 में बेंगलुरु में मिला 14वीं सदी का एक शिलालेख (Inscriptions), जिसमें उनके गांव का नाम था। उन्होंने इसे अपने शहर के इतिहास को संजोने का मिशन बना लिया। फिर क्या था उन्होंने अपनी कॉरपोरेट बड़ी टीम, कंपनी और अच्छी खासी सैलरी को छोड़ दिया। उनके मुताबिक ये सिर्फ पैसे को लेकर नहीं था, ये सिर्फ अपने शहर को वापिस देने जैसा, जिसने आपको काफी कुछ दिया है। वो ऐसा कर पाए क्योंकि उन्होंने अपने फंड का 30 फीसदी इक्विटी में लगाया और पैसा कमाना शुरू किया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।