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तत्काल टिकट की कालाबाजारी पर लगेगी रोक, अब ई-आधार के जरिए होगी बुकिंग; सरकार का बड़ा फैसला

पिछले काफी समय से IRCTC यूजर्स की शिकायत रही है कि तत्काल टिकट की विंडो खुलते ही सारे टिकट बुक हो जाते हैं। रेलवे ने अपनी जांच में पाया कि इसकी वजह बॉट्स की मदद से टिकटों की कालाबाजारी करने वाले लोग हैं। इसकी रोकथाम के लिए अब सख्त उपाय किए जा रहे हैं, जिससे फर्जी अकाउंट्स पर रोक लगेगी और असली यात्रियों को प्राथमिकता से टिकट मिल सकेगा।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jun 04, 2025 पर 11:24 PM
तत्काल टिकट की कालाबाजारी पर लगेगी रोक, अब ई-आधार के जरिए होगी बुकिंग; सरकार का बड़ा फैसला
रेलवे का मकसद है कि तकनीक के जरिए टिकट बुकिंग को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए।

IRCTC Tatkal Ticket Booking: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब जल्द ही ई-आधार प्रमाणीकरण के जरिए तत्काल टिकट बुकिंग की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बदलाव का मकसद फर्जी बुकिंग पर लगाम लगाना है, ताकि जरूरतमंद और असली यात्रियों को समय पर कन्फर्म टिकट मिल सके।

कन्फर्म टिकट की दौड़ में अब भी पिछड़े यात्री

रेलवे के मुताबिक, हर दिन औसतन 2.25 लाख यात्री IRCTC के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से तत्काल टिकट की कोशिश करते हैं। लेकिन बुकिंग खुलते ही टिकट इतने तेजी से भरते हैं कि अधिकांश यात्रियों को पहले ही मिनट में निराशा हाथ लगती है।

24 मई से 2 जून के आंकड़े बताते हैं कि एसी क्लास की बुकिंग खुलने के पहले ही मिनट में सिर्फ 5,615 टिकट बुक हो सके, जबकि संभावित टिकट संख्या 1.08 लाख थी। दस मिनट के भीतर ही 67,000 से ज्यादा टिकट भर गए, जो कुल तत्काल टिकटों का 62.5 फीसदी हिस्सा है। नॉन-एसी क्लास में भी पहले 10 मिनट में लगभग 66 फीसदी टिकट बिक गए।

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