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ITR Filing 2026: रिटर्न फाइल करने के बाद रिवाइज कर रहे हजारों टैक्सपेयर, जानिए क्या है इसकी वजह

ITR Filing 2026: ITR भरने के बाद हजारों टैक्सपेयर रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह AIS और TIS में बाद में जुड़ने वाली नई जानकारी है। जानिए ऐसा क्यों हो रहा है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।

Suneel Kumarअपडेटेड Jun 21, 2026 पर 6:55 PM
ITR Filing 2026: रिटर्न फाइल करने के बाद रिवाइज कर रहे हजारों टैक्सपेयर, जानिए क्या है इसकी वजह
बार-बार रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से बेहतर है कि पहली बार में ही सही रिटर्न भरी जाए।

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद उसे रिवाइज्ड करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसकी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की बढ़ती डेटा निगरानी है। विभाग के पास अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा वित्तीय जानकारी पहुंच रही है। ऐसे में कई लोगों को रिटर्न भरने के बाद पता चलता है कि उनकी कुछ कमाई या लेनदेन रिकॉर्ड में बाद में जुड़ गए हैं। इसके बाद उन्हें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करनी पड़ती है।

क्यों बढ़ रहे हैं रिवाइज्ड रिटर्न?

इसकी सबसे बड़ी वजह एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) है। AIS एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें आपकी कमाई और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी एक जगह दिखाई देती है। इसमें सैलरी, ब्याज, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड और शेयरों के सौदे, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री, विदेशी धन भेजने और बड़े खर्च जैसी जानकारी शामिल होती है।

समस्या यह है कि AIS एक बार में पूरी तरह तैयार नहीं होता। बैंक, कंपनियां और दूसरी संस्थाएं समय-समय पर डेटा अपडेट करती रहती हैं। ऐसे में जो लोग जल्दी ITR भर देते हैं, उन्हें बाद में AIS में नई एंट्री दिखाई दे सकती है। इसके बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना जरूरी हो जाता है।

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