ITR Filing 2026: टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा अपडेट! AY 2026-27 के लिए ITR-3 यूटिलिटी लाइव; F&O और इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए बदल गए नियम

ITR Filing 2026: इससे पहले विभाग 15 मई को ITR-1 और ITR-4, और 27 मई को ITR-2 के लिए एक्सेल यूटिलिटी जारी कर चुका है। अब ITR-3 के आने के साथ ही इस असेसमेंट ईयर के लिए सभी मुख्य आईटीआर फॉर्म उपलब्ध हो गए हैं। इस बार के फॉर्म में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस और इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं

अपडेटेड Jun 21, 2026 पर 10:54 AM
नए असेसमेंट ईयर के लिए ITR-3 फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स ई-फाइलिंग को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपने पोर्टल पर ITR-3 दाखिल करने के लिए ऑनलाइन फाइलिंग ऑप्शन और एक्सेल यूटिलिटी दोनों को लाइव कर दिया है। इसके साथ ही अब योग्य टैक्सपेयर्स असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना शुरू कर सकते हैं।

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी देते हुए कहा, 'टैक्सपेयर्स कृपया ध्यान दें! पोर्टल पर A.Y. 2026–27 के लिए ITR-3 की ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी को इनेबल कर दिया गया है।'

इससे पहले विभाग 15 मई को ITR-1 और ITR-4, और 27 मई को ITR-2 के लिए एक्सेल यूटिलिटी जारी कर चुका है। अब ITR-3 के आने के साथ ही इस असेसमेंट ईयर के लिए सभी मुख्य आईटीआर फॉर्म उपलब्ध हो गए हैं।


इस बार ITR-3 फॉर्म में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

नए असेसमेंट ईयर के लिए ITR-3 फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जो विशेष रूप से ट्रेडर्स और ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को प्रभावित करेंगे:

F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अलग डिस्क्लोजर: ट्रेडिंग एक्टिविटी से जुड़े टैक्सपेयर्स को अब फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O), इंट्राडे इक्विटी ट्रेडिंग, कमोडिटी ट्रेडिंग और करेंसी ट्रेडिंग की जानकारी बिल्कुल अलग-अलग देनी होगी।

ऑडिटर डिस्क्लोजर नियम हुए आसान: टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर्स के लिए कुछ ऑडिटर-संबंधित रिपोर्टिंग फील्ड्स को आसान बनाया गया है। इससे जरूरी जानकारी भी विभाग को मिल जाएगी और टैक्सपेयर्स का कंप्लायंस बोझ भी कम होगा।

अल्टरनेटिव एड्रेस और कॉन्टैक्ट डिटेल्स: अब टैक्सपेयर्स अपने आईटीआर फॉर्म में एक सेकेंडरी एड्रेस, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्ज कर सकते हैं।

हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन की विस्तृत जानकारी: बिजनेस ऑपरेशन्स और कुछ बड़े वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अधिक विस्तृत जानकारी इस बार ITR-3 में मांगी गई है।

कौन फाइल कर सकता है ITR-3 फॉर्म?

यह फॉर्म मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं। इसके योग्य दायरे में शामिल हैं:

  1. व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF)।
  2. बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय चाहे उसका ऑडिट होना हो या नहीं।
  3. सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी, और डिविडेंड/ब्याज से होने वाली आय वाले लोग।
  4. शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस यानी शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बिक्री से मुनाफा वाले टैक्सपेयर्स।
  5. F&O ट्रेडिंग, इंट्राडे और शेयर ट्रेडिंग से कमाई करने वाले लोग।
  6. पार्टनरशिप फर्म (LLP को छोड़कर) से रेम्यूनरेशन या सैलरी पाने वाले पार्टनर्स।

कौन नहीं फाइल कर सकता ITR-3?

  • इंडिविजुअल और HUF के अलावा कोई भी अन्य कैटेगरी ITR-3 फाइल नहीं कर सकती।
  • ऐसे इंडिविजुअल और HUF जिनकी बिजनेस, प्रोफेशन या पार्टनरशिप फर्म से कोई कमाई नहीं है, वे इसके पात्र नहीं हैं।
  • सीधे शब्दों में कहें तो जो लोग ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फाइल करने के पात्र हैं, वे ITR-3 नहीं भर सकते।

ITR-3 दाखिल करने की आखिरी तारीख

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-3 फाइल करने की डेडलाइन इस प्रकार है:

नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स: जिन टैक्सपेयर्स के खातों का ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है।

ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स: जिन कारोबारियों या प्रोफेशनल्स के लिए टैक्स ऑडिट लागू होता है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है।

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