सोचिए, अगर हर महीने आपको सिर्फ इसलिए 23,000 रुपये मिलें क्योंकि आपके घर में एक बच्चा है। है ना थोड़ा चौंकाने वाला? लेकिन जर्मनी में ये हकीकत है। वहीं, भारत में बच्चा पालना आजकल किसी प्रोजेक्ट से कम नहीं लग रहा। एक चेन्नई के कपल ने Reddit पर अपनी कहानी शेयर की है। उनकी मंथली इनकम है 78,000 रुपये लेकिन हर महीने सिर्फ 8,000 रुपये ही बचा पाते हैं। बाकी सब खर्च हो जाता है। बच्चे के दूध-डायपर से लेकर स्कूलिंग, हेल्थ और बाकी जरूरतों में पैसा लग जाता है।।
ये है जर्मनी का सिस्टम...
जर्मनी में सरकार हर पैरेंट को बच्चे की देखभाल के लिए हर महीने 255 यूरो यानी करीब 23,000 रुपये देती है। इस स्कीम का नाम Kindergeld है। खास बात ये है कि ये पैसा आपकी इनकम पर डिपेंड नहीं करता कि आप अमीर हो या मिडिल क्लास, ये स्कीम सबको मिलती है।
सिर्फ मां-बाप नहीं, नाना-नानी-दादी-दादा को भी फायदा
अगर बच्चा दादी-दादा, नाना-नानी या किसी और गार्जियन के पास रह रहा है और वो जर्मनी में टैक्स भरते हैं, तो उन्हें भी यह मदद मिलती है। बशर्ते, बच्चा उन पर डिपेंडेंट हो।
कब तक मिलता है पैसा?
यह सुविधा तब तक मिलती है जब तक बच्चा 18 साल का नहीं हो जाता। और अगर बच्चा बेरोजगार है या किसी डिसेबिलिटी से जूझ रहा है, तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अगर मां-बाप अलग हो गए हैं, तो जिस पैरेंट के पास कस्टडी है, वो इस स्कीम का फायदा ले सकता है।
कम इनकम वालों को एक्स्ट्रा मदद भी
जिनकी इनकम बहुत कम है, उन्हें Kindergeld के साथ-साथ Supplementary Child Allowance भी मिलता है। और अगर आप हाई इनकम ग्रुप से हैं, तो टैक्स-फ्री चाइल्ड अलाउंस भी चुन सकते हैं जो और फायदेमंद हो सकता है। तो क्या भारत में भी ऐसी स्कीम की जरूरत है?
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।