बैंक FD से ज्यादा रिटर्न की गारंटी! RBI के फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स में ₹5 लाख लगाने पर जाने कमाई का पूरा गणित
RBI Floating Rate Savings Bonds: अगर आप अपने पैसे को बिना किसी जोखिम के बैंक FD से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो RBI की फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते है। इन बॉन्ड्स में 100% सरकारी सुरक्षा मिलती है और ब्याज फिक्स होता है। जानिए ₹5 लाख का निवेश करने पर कितना मिलेगा रिटर्न
RBI Floating Rate Savings Bonds: इस दिवाली क्या आप ऐसी स्कीम की तलाश में हैं जिसमें कोई रिस्क न हो और अच्छा रिटर्न भी मिले? तो भारतीय रिजर्व बैंक के फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। इसे भारत सरकार की ओर से आरबीआई जारी करता है, इसलिए इसमें आपका 100% पैसा सुरक्षित रहता है और डिफॉल्ट का शून्य खतरा होता है।
आइए आपको बताते हैं कि आरबीआई के ये फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स क्या हैं, इन पर कितना ब्याज मिलता है, इनमें निवेश के क्या नियम हैं और ₹5,00,000 के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न।
पहले जानिए FRSB में ब्याज दर कितनी मिलती है?
FRSB में ब्याज दर स्थिर नहीं होती, बल्कि यह फ्लोटिंग होती है। इसकी ब्याज दर को सरकार की लघु बचत योजना(NSC) की ब्याज दर से जोड़ा गया है। FRSB पर NSC की दर से हमेशा 0.35% ज्यादा ब्याज मिलता है।
सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को FRSB की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और उन्हें अपडेट करती है। इस बॉन्ड पर ब्याज का भुगतान हर 6 महीने में यानी 1 जनवरी और 1 जुलाई को सीधे निवेशक के बैंक खाते में जमा किया जाता है।
कौन कर सकता है निवेश और कितनी है सीमा?
भारत का कोई भी नागरिक और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) इसमें निवेश कर सकते हैं। NRI इस बॉन्ड में निवेश करने के लिए पात्र नहीं हैं। इसमें कम से कम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसमें निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। आप जितना चाहें उतना पैसा लगा सकते हैं।
लॉक-इन पीरियड और प्री-मैच्योर विड्रॉल के नियम
आरबीआई के इस बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 7 साल का होता है। यानी सामान्य परिस्थितियों में आपका पैसा 7 साल के लिए लॉक रहता है। वरिष्ठ नागरिकों को उनकी उम्र के हिसाब से समय से पहले पैसा निकालने की विशेष राहत दी गई है:
60 से 70 वर्ष की आयु वाले: 6 साल की न्यूनतम लॉक-इन अवधि के बाद पैसा निकाल सकते हैं।
70 से 80 वर्ष की आयु वाले: 5 साल की न्यूनतम लॉक-इन अवधि के बाद पैसा निकाल सकते हैं।
80 वर्ष से अधिक आयु वाले: 4 साल की न्यूनतम लॉक-इन अवधि के बाद पैसा निकाल सकते हैं।
टैक्स और ट्रांसफर के नियम
FRSB से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स योग्य होता है। यह आपकी सालाना आय में जुड़ता है और आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर टैक्स लगता है। अगर एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाला कुल ब्याज ₹10,000 से अधिक होता है, तो उस पर TDS काटा जाता है (फॉर्म 15G/15H जमा करके इससे बचा जा सकता है)।
FRSB बॉन्ड्स को शेयर बाजार या सेकेंडरी मार्केट में खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। साथ ही इन बॉन्ड्स को बैंक या NBFC के पास मॉर्गेज या कोलैटरल रखकर लोन नहीं लिया जा सकता। यह बॉन्ड केवल नामांकित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में ही ट्रांसफर हो सकता है।
FRSB में निवेश कैसे करें?
आप RBI के इन फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में आसानी से निवेश कर सकते हैं:
RBI रिटेल डायरेक्ट पोर्टल: आप आरबीआई के आधिकारिक पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) पर अपना रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) अकाउंट खोलकर बिना किसी कमीशन के सीधे डिजिटल तरीके से बॉन्ड खरीद सकते हैं।
नामित बैंक: एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों की शाखाओं या उनकी नेट बैंकिंग के जरिए भी इसमें आवेदन किया जा सकता है।
₹5,00,000 के निवेश पर मुनाफे का पूरा गणित
आइए आपको बताते हैं कि अगर आप इन बॉन्ड्स में ₹5,00000 निवेश करते हैं, तो आपको कितना मुनाफा मिलेगा। फिलहाल इन बॉन्ड्स पर ब्याज दर 8.05% वार्षिक मिल रही है। इस हिसाब से अगर आप ₹5,00,000 का निवेश करते हैं, तो आपका रिटर्न इस प्रकार होगा:
सालाना ब्याज: ₹5,00,000 का 8.05% यानी हर साल आपको लगभग ₹40,250 की कमाई होगी।
छै-माही ब्याज: चूंकि इन बॉन्ड्सपर ब्याज का भुगतान हर 6 महीने पर होता है, इसलिए हर छह महीने पर आपके बैंक खाते में ₹20,125 सीधे जमा हो जाएंगे।
7 साल में कुल ब्याज: अगर ब्याज दरें यही रहती हैं, तो 7 साल की लॉक-इन अवधि में आपको कुल ब्याज के रूप में लगभग ₹2,81,750 का शुद्ध मुनाफा मिलेगा।
मैच्योरिटी पर कुल रकम: 7 साल पूरे होने पर ब्याज के साथ आपका मूलधन (₹5,00,000) पूरी तरह सुरक्षित आपको वापस मिल जाएगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।