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RBI ने लॉन्च किया '100 Days 100 Pays' अभियान, अपने अनक्लेम्ड डिपॉजिट के बारे में ऐसे जान सकते हैं आप

बैंक अनक्लेम्ड डिपॉजिट को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड एवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर देते हैं, जिसे RBI मेंटेन करता है। डिपॉजिटर्स को बाद में भी अपने अकाउंट में जमा पैसे पर दावा करने का अधिकार होता है। RBI का मानना है कि अनक्लेम्ड डिपॉजिट का वॉल्यूम बढ़ने की वजह यह है कि लोग अपने सेविंग्स/करेंट अकाउंट को बंद नहीं कराते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 01, 2023 पर 4:45 PM
RBI ने लॉन्च किया '100 Days 100 Pays' अभियान, अपने अनक्लेम्ड डिपॉजिट के बारे में ऐसे जान सकते हैं आप
आरबीआई ने इस कंपेन के अलावा यह भी कहा है कि वह एक सेंट्रलाइज्ड वेब पोर्टल बनाएगा। लोग इस पर अलग-अलग बैंकों के अनक्लेम्ड डिपॉजिट के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सर्च रिजल्ट को बेहतर बनाया जाएगा।

Reserve Bank of India (RBI) ने 1 जून को '100 Days 100 Pays' अभियान शुरू किया है। इसका मकसद बैंकों में पड़े टॉप 100 अनक्लेम्ड डिपॉजिट का पता लगाना और उसे सेटल करना है। इसके दायरे में 100 जिलों के हर बैंक आएंगे। इस कंपेन से केंद्रीय बैंक की अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स में कमी लाने की कोशिशों को मदद मिलेगी। आरबीआई चाहता है कि बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड डिपॉजिट को उनके सही दावेदारों का पता लगाकर उन तक पहुंचा दिया जाए। अगर किसी बैंक अकाउंट में 10 साल या इससे ज्यादा वक्त तक किसी तरह की एक्टिविटी नहीं होती है तो उसमें जमा पैसे को अनक्लेम्ड डिपॉजिट मान लिया जाता है।

अनक्लेम्ड डिपॉजिट की वजह

बैंक अनक्लेम्ड डिपॉजिट को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड एवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर देते हैं, जिसे RBI मेंटेन करता है। डिपॉजिटर्स को बाद में भी अपने अकाउंट में जमा पैसे पर दावा करने का अधिकार होता है। RBI का मानना है कि अनक्लेम्ड डिपॉजिट का वॉल्यूम बढ़ने की वजह यह है कि लोग अपने सेविंग्स/करेंट अकाउंट को बंद नहीं कराते हैं। कई मामलों में यह पैसा ऐसे डिपॉजिटर्स का होता है, जिनका निधन हो चुका है। ऐसे मामलों में नॉमिनी या कानूनी वारिस पैसे पर दावा करने के लिए नहीं आते हैं।

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