RBI 1 अप्रैल को प्लास्टिक के नए नोट जारी करेगा, जानिए इनमें क्या होगा खास

प्लास्टिक के नोट्स पहले से मौजूद 10 रुपये और 20 रुपये के नोट के आकार के होंगे। आरबीआई ने बैंकों का खर्च बचाने के लिए यह फैसला लिया है। अगर आरबीआई नए आकार में प्लास्टिक के नोट इश्यू करता तो बैंकों को एटीएम में बदलाव करने पड़ते

अपडेटेड Oct 31, 2026 पर 6:55 PM
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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अगस्त में कहा था कि प्लास्टिक के नोट्स की जिंदगी कागज के नोटों के मुकाबले दो से चार गुना तक होगी।

आरबीआई के प्लास्टिक के नोट्स अगले साल 1 अप्रैल को आने की संभावना है। फिलहाल, ये नोट्स 10 रुपये और 20 रुपये के होंगे। केंद्रीय बैंक एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहली बार प्लास्टिक के नोट्स इश्यू करने जा रहा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने मनीकंट्रोल को इस बारे में बताया।

नए नोट पहले से मौजूद 10 और 20 रुपये के नोट के आकार के होंगे

प्लास्टिक के नोट्स पहले से मौजूद 10 रुपये और 20 रुपये के नोट के आकार के होंगे। आरबीआई ने बैंकों का खर्च बचाने के लिए यह फैसला लिया है। अगर आरबीआई नए आकार में प्लास्टिक के नोट इश्यू करता तो बैंकों को एटीएम में बदलाव करने पड़ते। इस पर काफी पैसा खर्च होता। प्लास्टिक के नए नोट्स एटीएम के 10 रुपये और 20 रुपये नोट वाले स्लॉट में आ जाएंगे।


बैंकों को एटीएम में बदलाव करने पर नहीं करना पड़ेगा खर्च

एक सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने बताया, "पहले से मौजूदा नोटों के आकार के हिसाब से प्लास्टिक के नए नोट इश्यू करने से बैंकों का एटीएम पर होने वाला खर्च बचेगा। चूंकि यह प्रोग्राम अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत है, जिससे शुरुआत छोटे नोटों के साथ की जा रही है। इससे काफी पैसे बचेंगे।"

100 और 200 के नए नोट आने पर एटीएम में करने पड़े थे बदलाव

इससे पहले जब सरकार ने 100 रुपये और 200 रुपये के नए नोट जारी किए थे तब एटीएम में बदलाव करने पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। नए आकार के इन दोनों नोटों के हिसाब से करीब 2.4 लाख एटीएम मशीनों में बदलाव करने पड़े थे। इस बार आरबीआई की कोशिश एटीएम में बदलाव की जरूरत को टालना है।

एटीएम में बदलाव नहीं करने से 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगी

एक दूसरे सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने कहा, "8,500 एटीएम वाले बैंक को इससे करीब 21.25 करोड़ रुपये की बचत होगी। चूंकि, यह प्रोजेक्ट पायलट के तौर पर शुरू किया गया है, जिससे प्लास्टिक ने नोट बैंकों के काउंटर के जरिए या एटीएम मशीन के जरिए लोगों तक आसानी से पहुंच सकते हैं।" इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आरबीआई को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।

आरबीआई की सब्सिडियरी ने कंपनियों से मंगाई है बोलियां 

सूत्रों ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए आरबीआई की सब्सिडियरी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) को छह बोलियां (bid) मिली थी। पॉलिमर साइंस फर्म यूफ्लेक्स ने भी अमेरिकी कंपनी स्पेक्ट्रा सिस्टम के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाई है। भारत में प्लास्टिक के नोट्स लोगों के लिए एक नए अनुभव जैसा होगा।

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प्लास्टिक के नए नोटों की उम्र चार गुना तक ज्यादा होगी

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अगस्त में कहा था कि प्लास्टिक के नोट्स की जिंदगी कागज के नोटों के मुकाबले दो से चार गुना तक होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले यह देखा जाएगा कि प्लास्टिक के नोटों के इस्तेमाल का अनुभव भारत जैसे देश वाले जलवायु में कैसा रहता है। सरकार पहले ही 10 रुपये और 20 रुपये के प्लास्टिक के एक-एक अरब नोट छापने की मंजूरी दे चुकी है। दुनिया के कई देशों में पहले से प्लास्टिक के नोटों का इस्तेमाल हो रहा है।

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