RBI New Rule: अब कोई भी ग्राहक या डिफॉल्टर बैंकों को चूना नहीं लगा पाएगा। RBI ने नए नियम जारी किये हैं। नए नियमों के मुताबिक ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर हर 15 दिन में अपडेट होगा। ऐसे में ग्राहकों को अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाए रखने के लिए मेहनत करनी होगी। यानी, अब आप बैंक को चूना नहीं लगा सकते। लोन लेकर EMI न चुकाना, लोन नहीं देना या लोन का सेटलमेंट कराना ग्राहकों को भारी पड़ सकता है। इसका सीधा असर उनके क्रेडिट स्कोर और किसी भी तरह के नए लोन पर पड़ सकता है।
15 दिन में अपडेट होगा क्रेडिट स्कोर
अगले साल 1 जनवरी से आपको अपने क्रेडिट स्कोर के अपडेट होने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घोषणा की है कि बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अब क्रेडिट स्कोर को जल्द-से-जल्द अपडेट करेंगे। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 8 अगस्त 2024 को इस नए नियम का ऐलान किया, जिसके तहत क्रेडिट डेटा हर 15 दिन में अपडेट किया जाएगा। यह डेटा हर महीने की 15 तारीख या महीने के अंत तक अपडेट किया जा सकेगा, या फिर क्रेडिट इंस्टीट्यूशंस (CI) और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां (CIC) एक निश्चित तारीख पर आपसी सहमति से इसे अपडेट करेंगी।
ग्राहकों का सही मिलेगा क्रेडिट स्कोर
क्रेडिट इंस्टीट्यूशंस (CI) को ग्राहक की क्रेडिट इंफॉर्मेशन हर महीने CIC को देना अनिवार्य होता है। डिजिटल लेंडिंग कंसल्टेंट पारिजात गर्ग ने कहा कि यह कदम कर्ज लेने और देने वाले दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। सही और ताजा क्रेडिट इंफॉर्मेशन बैंक और एनबीएफसी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे वे बेहतर निर्णय ले सकें। क्रेडिट ब्यूरो Experian India के कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष जैन के अनुसार, "डेटा का हर हफ्ते या हर 15 दिन में अपडेट होना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं होता है तो वर्तमान क्रेडिट स्कोर आपके फाइनेंशियल बिहेवियर का सही प्रतिबिंब नहीं देता है।"
ग्राहकों को ठीक रखना होगा पैसों से जुड़ा बिहेवियर
ग्राहकों को समझना चाहिए कि क्रेडिट स्कोर कोई निश्चित संख्या नहीं होती, जिसे साल में एक बार या महीने में एक बार कैलकुलेट किया जाता है। इसमें लगातार बदलाव होता रहता है, और यह आपके फाइनेंशियल विहेवियर, लोन के रीपेमेंट और अन्य कारकों के आधार पर बदलता रहता है। जैन ने बताया कि ताजा क्रेडिट इंफॉर्मेशन से क्रेडिट रिपोर्ट में सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे ग्राहक का वास्तविक वित्तीय प्रदर्शन झलक सकेगा।
डिफॉल्ट की जानकारी होगी जल्द शामिल
वर्तमान में, यदि कोई ग्राहक अपनी EMI पर डिफॉल्ट करता है, तो यह जानकारी क्रेडिट रिपोर्ट में आने में 60 दिन का समय लग सकता है। लेकिन नए नियमों के तहत, जब लोन देने वाली कंपनियां और बैंक हर 15 दिन में क्रेडिट इंफॉर्मेशन अपडेट करेंगे, तो डिफॉल्ट की जानकारी 30-40 दिनों में ही क्रेडिट रिपोर्ट में दिखने लगेगी। इससे जो ग्राहक समय पर भुगतान करते हैं, उनका डेटा भी जल्द ही उनकी क्रेडिट रिपोर्ट में शामिल हो जाएगा और उनके क्रेडिट स्कोर में सुधार की संभावना बढ़ जाएगी।