Rent Agreement बनवाने में इन 4 बातों का रखें ध्यान, मकानमालिक-किराएदार में नहीं होगा विवाद

रेंट एंग्रीमेंट में मकानमालिक और किराएदार दोनों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। सही तरह से फ्रेम किया गया रेंट एग्रीमेंट मकानमालिक और किराएदार में किसी तरह के विवाद की स्थिति पैदा नहीं होने देता है। इस एग्रीमेंट में सिर्फ ऐसे प्रावधान शामिल होने चाहिए जिस पर दोनों की सहमति हो

अपडेटेड Mar 11, 2024 पर 5:18 PM
ज्यादातर वकील जो रेंट एग्रीमेंट फ्रेम करते हैं उनके पास इसके लिए पहले से तैयार एक फॉरमैट होता है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि आप इसके प्रावधानों में बदलाव नहीं कर सकते।

बड़े और छोटे शहरों में आज भी बड़ी संख्या में लोग किराए के घरों में रहते हैं। किराए का घर लेने से पहले मकानमालिक और किराएदर के बीच रेंट एंग्रीमेंट जरूरी है। इसका मकसद मकानमालिक और किराएदार दोनों के हितों की सुरक्षा है। मकानमालिक का उसके घर पर कानूनी अधिकार बना रहता है, जबकि किराएदार को घर के मेंटेनेंस पर खर्च नहीं करना पड़ता है। यह जिम्मदेरी मकानमालिक की होती है। लेकिन, कई बार मकानमालिक के हित को ध्यान में रख रेंट एंग्रीमेंट बनाया जाता है। यह ठीक नहीं है। लीव एंड लाइसेंस रेंटल एंग्रीमेंट इस समस्या का समाधान हो सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Leave and License rental agreement क्या है?

यह मकानमालिक और किराएदार के बीच एक एग्रीमेंट है। इसमें वे शर्तें शामिल होती हैं जिन पर प्रॉपर्टी किराए पर दी जाती है। इनमें घर का पता, साइज और टाइप शामिल है। इसके अलावा मंथली रेंट, सिक्योरिटी डिपॉजिट, एग्रीमेंट की अवधि और कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने शर्तें भी शामिल होती हैं। डीएसके लीगतर के पार्टनर सागर कदम ने कहा, "एग्रीमेंट का रजिस्टर्ड होना जरूरी है।" एग्रीमेंट नहीं होने पर मकानमालिक अचानक घर का किराया बढ़ा सकता है। सबसे अहम बात यह कि रेंट एग्रीमेंट नहीं होने पर आप हाउस रेंट अलाउन्स क्लेम नहीं कर सकते।

रेंट एंग्रीमेंट कैसा होना चाहिए?


रेंट एग्रीमेंट में किराया चुकाने की तय तारीख शामिल होनी चाहिए। साथ ही इस बात का उल्लेख होना चाहिए कि किराए चुकाने में देर होने पर क्या पेनाल्टी होगी। यह भी बताया जाना चाहिए कि निश्चित अवधि के बाद मकान मालिक किराया बढ़ सकता है। मेंटेनेंस चार्ज के साथ ही पानी और बिजली के बिल चुकाने की जिम्मेदारी किस पर होगी, यह बात रेंट एग्रीमेंट में स्पष्ट होनी चाहिए। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति किराए पर घर ले रहा है तो उसे एंग्रीमेंट को ठीक तरह से पढ़कर समझ लेना जरूरी है।

मकानमालिक को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए?

मकानमालिक की सबसे चिंता यह होती है कि किराएदार कही घर पर कब्जा न कर ले। इसलिए रेंट एंग्रीमेंट का रजिस्टर्ड होना जरूरी है। रजिस्टर्ड नहीं होने पर इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। एलईएक्स एटेर्न प्रैक्टिसेज के को-फाउंडिंग पार्टनर आदित्य खादरिया ने कहा कि रेंट एंग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं होने पर किराएदरा घर को खाली करने से इनकार कर सकता है। इसलिए रेंट एंग्रीमेंट में एंग्रीमेंट के टर्मिनेशन की शर्त जरूर होनी चाहिए।

रेंट एंग्रीमेंट की फ्रेमिंग बहुत अहम है

ज्यादातर वकील जो रेंट एग्रीमेंट फ्रेम करते हैं उनके पास इसके लिए पहले से तैयार एक फॉरमैट होता है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि आप इसके प्रावधानों में बदलाव नहीं कर सकते। आप और मकानमालिक आपसी सहमति से ऐसी शर्तें और प्रावधान एग्रीमेंट में शामिल कर सकते हैं जो दोनों के लिए फायदेमंद हों।

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