किराए का पेमेंट क्रेडिट कार्ड से करने की सुविधा एक बार फिर वापसी कर सकती है। फिनटेक कंपनियां फोनपे और CRED फिलहाल एक नए मॉडल के तहत क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट करने की सर्विस का टेस्टिंग कर रही है। सूत्रों के मुताबिक दोनों कंपनियां सीमित यूजर्स के साथ पायलट प्रोग्राम चला रही हैं और आने वाले हफ्तों में इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार फोनपे कुछ चुनिंदा ग्राहकों के बीच इस सुविधा का टेस्टिंग कर रही है, जबकि CRED का कहना है कि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है। हालांकि, दोनों कंपनियों ने इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
दरअसल, पिछले कुछ सालों में कई फिनटेक कंपनियों ने क्रेडिट कार्ड के जरिए रेंट पेमेंट की सुविधा बंद कर दी थी। इसकी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से उठाई गई नियामकीय चिंताएं थीं। RBI को ऐसे ढांचे पर आपत्ति थी, जिनमें क्रेडिट कार्ड के जरिए व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) पेमेंट संभव हो रहा था।
अब फोनपे और CRED जिस मॉडल का परीक्षण कर रहे हैं, उसे मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म मॉडल कहा जा रहा है। इस व्यवस्था में पेमेंट एग्रीगेटर (Payment Aggregators) ग्राहकों की पहचान सत्यापन और नियमों के अनुपालन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट की सुविधा पहले काफी लोकप्रिय थी। इससे ग्राहकों को रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अल्पकालिक नकदी प्रबंधन जैसी सुविधाएं मिलती थीं। लेकिन नियामकीय सख्ती के बाद फोनपे, CRED और Paytm सहित कई प्लेटफॉर्म ने यह सेवा बंद कर दी थी।
हाल के महीनों में कुछ अन्य कंपनियों ने संशोधित प्रक्रिया के साथ इस सुविधा को दोबारा शुरू किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार RedGiraffe, PayZapp और NoBroker जैसे प्लेटफॉर्म पहले से ही बदले हुए ढांचे के तहत क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट की सुविधा दे रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि मौजूदा पायलट सफल रहता है, तो फोनपे और CRED अगले महीने तक इस सर्विस को बड़े स्तर पर लॉन्च कर सकती है। हालांकि, कंपनियों ने अभी तक शुल्क, कार्ड नेटवर्क या लॉन्च की तारीख से जुड़ी कोई जानकारी शेयर नहीं की है।