Reserve Bank of India: रिजर्व बैंक समय-समय पर बैंकों को लेकर नए नियम बनाता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सभी बैंकों को कई तरह के निर्देश देता है और वह निर्देश नहीं मानने पर ऐसे बैंकों के खिलाफ कार्रवाई भी करता है। अब RBI ने एक और बैंक को लेकर बड़ा फैसला लिया है। RBI ने को-ऑपरेटिव बैंक से पैसे निकालने की लिमिट तय कर दी है यानी अगर आपका खाता इस बैंक में है तो आप सिर्फ अधिकतम 50,000 रुपये ही निकाल सकते हैं। रिजर्व बैंक ने बंगलुरु के नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक को लेकर यह फैसला लिया है। आरबीआई ने यह फैसला बैंक की वित्तीय स्थिति को देखते हुए लिया है। नेशनल सहकारी बैंक की कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु में 13 ब्रांच हैं।
बंगलुरु का नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना कोई नया लोन जारी नहीं कर सकता और न ही नई जमा यानी डिपॉजिट स्वीकार कर सकता है। RBI ने 24 जुलाई 2023 को कारोबार बंद होने से 6 महीने की पीरियड तक नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक पर कारोबारी प्रतिबंध लगा दिया है। यानी, बैंक 6 महीने तक पैसा जमा करने और देने का कोई भी काम नहीं कर सकता।
5 लाख रुपये तक कर सकते हैं क्लेम
रिजर्व बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक बैंक के डिपॉजिटर्स 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' के तहत 5 लाख रुपये का दावा कर सकते हैं। (जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम) में 5 लाख रुपये का दावा कर सकते हैं।
हो सकता है फैसले में बदलाव
अगर हालात में सुधार होता है तो रिजर्व बैंक अपना फैसला बदल भी सकता है। आरबीआई अपने फैसले पर विचार कर सकता है। मई में इस बैंक पर कुछ नियमों के नहीं मानने के कारण जुर्माना लगाया गया था। रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंक सेविंग अकाउंट पर न्यूनतम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर अनुपात से ज्यादा चार्ज वसूल रहा था जिसके कारण जुर्माने की कार्रवाई की गई है।