अगर आपके पास रिटायरमेंट के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड है और आप हर महीने 1 लाख रुपए की आमदनी पाना चाहते हैं, तो थोड़ा प्लानिंग और सही स्ट्रेटजी अपनाकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अकसर लोगों को यह डर रहता है कि कहीं रिटायरमेंट के बाद उनका पैसा जल्दी खत्म न हो जाए, लेकिन अगर सही रूल्स फॉलो किए जाएं तो फंड लंबा चल सकता है।
रिटायरमेंट के लिए 4% रूल क्या है?
सबसे मशहूर तरीका है 4% रूल, यानी आप अपने रिटायरमेंट फंड से हर साल 4% रकम निकालें। मान लीजिए आपके पास 1 करोड़ है, तब हर साल 4 लाख यानी हर महीने करीब 33,000 रुपए मिलेंगे। अगर आप 6% या उससे ज्यादा का रिटर्न कमा पा रहे हैं और महंगाई दर भी काबू में है, तो आपके पैसे करीब 25 साल या उससे ज्यादा चल सकते हैं। लेकिन अगर आपको हर साल 1 लाख (यानि 12 लाख) चाहिए, तो आपको अपने फंड से 12% राशि निकालनी होगी, जो लंबे समय में थोड़ा रिस्की हो सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि आप रिटायरमेंट प्लान बनाते वक्त अपनी उम्र, स्वास्थ्य, फैमिली हिस्ट्री और लाइफस्टाइल का ध्यान रखें। कुल मिलाकर “85 माइनस रिटायरमेंट उम्र” तक का प्लान बनाना चाहिए। अगर आपकी रिटायरमेंट उम्र 60 है तो कम से कम 25 साल का फंड बनाएं। साथ ही, हर 3 साल में अपनी रिटायरमेंट प्लान की समीक्षा करें।
महंगाई से बचने के लिए निवेश में विविधता जरूरी
महंगाई सबसे बड़ा खतरा है इसलिए सिर्फ फिक्स्ड इनकम या FD में निवेश न करें, बल्कि थोड़ी रकम इक्विटी यानी शेयर या म्यूचुअल फंड्स में जरूर लगाएं। इससे आपको महंगाई के हिसाब से एडजस्टेड रिटर्न मिलेगा, और फंड जल्दी खत्म होने का रिस्क कम होगा। फंड को आम तौर पर तीन हिस्सों में बांटना समझदारी है। एक्विटी, डेट फंड्स, और शॉर्ट-टर्म या फिक्स्ड इनकम। रियल एस्टेट में भी निवेश से नियमित आमदनी और महंगाई से बचाव मिलता है।
लंबी अवधि के लिए सही निवेश संतुलन बनाएं
लंबी अवधि के लिए 60:40 या 70:30 का संतुलन रखें 60-70% इक्विटी में और बाकी फिक्स्ड इनकम में। अगले पांच सालों के खर्च के बराबर रकम फिक्स्ड इनकम में रखें ताकि मार्केट गिरने पर आपको बेचने की जरूरत न पड़े। बाकी पैसा ग्रोथ के लिए इक्विटी में रखें। कोशिश करें कि हर साल 4% खर्च करें और उसे महंगाई के मुताबिक बढ़ाएँ। यदि बहुत अच्छी तरह मैनेज करें तो 5% तक जा सकते हैं, लेकिन 4% सबसे भरोसेमंद है।
सही योजना से फंड को लंबा चलाएं
अगर 1 करोड़ रुपये के फंड का सही इस्तेमाल किया जाए, तो हर महीने 1 लाख रुपये की आमदनी पाना मुमकिन है। सही रणनीति, विविधता में निवेश, जोखिम को समझकर बजट बनाना और समय-समय पर समीक्षा करने से यह फंड लंबे समय तक आपके काम आ सकता है। कभी भी बिना सोच-समझ के ज्यादा पैसा निकालना या रिस्क लेना नुकसानदायक हो सकता है।