रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है, सालों की मेहनत से जमा किया गया पैसा अब कैसे इस्तेमाल किया जाए ताकि जिंदगी आराम से कटे। खासकर अगर आपने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश किया है। तो 60 साल की उम्र आपके लिए सिर्फ रिटायरमेंट नहीं, बल्कि एक बड़ा फाइनेंशियल फैसला लेने का समय भी होता है। अच्छी बात यह है कि NPS आपको एक ही रास्ता चुनने के लिए मजबूर नहीं करता, बल्कि कई ऑप्शन देता है।
60 के बाद आपके पास क्या विकल्प हैं?
जब आप 60 साल के होते हैं, तो आपके सामने दो बड़े रास्ते होते हैं। पहला आप NPS से बाहर निकल जाएं। यानी पूरा पैसा निकाल ले। या दूसरा अपने पैसे को इन्वेस्ट ही रहने दें।
अगर आपको तुरंत पैसे की जरूरत नहीं है, तो आप 85 साल की उम्र तक भी NPS में निवेश जारी रख सकते हैं। इस दौरान आपका पैसा उसी तरह इन्वेस्ट रहता है और बढ़ता रहता है। आप चाहें तो अपने निवेश पैटर्न में बदलाव भी कर सकते हैं।
अगर आप NPS से बाहर निकलते हैं तो क्या करें?
60 की उम्र पर NPS आपको तीन बड़े विकल्प देता है, जिससे आप अपने रिटायरमेंट को बैलेंस तरीके से मैनेज कर सकते हैं।
आप अपने कुल फंड का बड़ा हिस्सा एक साथ निकाल सकते हैं। इसमें से 60% तक की रकम टैक्स-फ्री होती है। कुछ मामलों में 80% तक भी पैसा निकालने की सुविधा मिलती है। यह पैसा आप लोन चुकाने, मेडिकल खर्च या अन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। चाहें तो इसे म्यूचुअल फंड में लगाकर हर महीने आय भी बना सकते हैं।
2. नियमित पेंशन (Annuity)
NPS में एक हिस्सा आपको अनिवार्य रूप से एन्युटी प्लान में लगाना होता है, जिससे आपको हर महीने पेंशन मिलती है। पहले यह सीमा 40% थी, लेकिन अब कुछ मामलों में इसे 20% तक कम किया गया है। इससे आपको जीवनभर एक तय इनकम मिलती रहती है, जो रोजाना के खर्चों को पूरा करने में मदद करती है।
3. धीरे-धीरे पैसा निकालना (Staggered Withdrawal)
अगर आप एक साथ पैसा नहीं निकालना चाहते, तो आप इसे किस्तों में भी निकाल सकते हैं। इसे सिस्टमेंटिक लंप-सम पैसा निकालना कहा जाता है। इसमें आप हर महीने, तिमाही या सालाना एक तय रकम निकाल सकते हैं, जबकि बाकी पैसा इन्वेस्ट रहता है।
NPS की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह आपको फ्लेक्सिबिलिटी देता है। आप चाहें तो कैश लें, पेंशन बनाएं या दोनों का मिक्स चुन सकते हैं। यह आप अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं।