यदि आप रिटायरमेंट के बाद के लिए अभी प्लानिंग नहीं करेंगे तो बाद में दिक्कत हो सकती है। अगर आप खुद प्लानिंग नहीं कर सकते तो एक्सपर्ट से जान लें कि रिटायरमेंट से पहले किस प्रकार से प्लानिंग करनी चाहिए। इससे रिटायरमेंट के बाद आपकी जिंदगी खुशनुमा माहौल में बीतेगी। अक्सर लोग रिटायरमेंट के नाम से घबरा जाते हैं, लेकिन सही प्लानिंग से यह जीवन का सबसे सुनहरा दौर बन सकता है। ऐसे ही एक रिटायर्ड अधिकारी राम स्वार्थ सिंह ने अपनी सफल प्लानिंग के बारे में बताया।
लक्ष्य तय करना सबसे जरूरी है
राम स्वार्थ सिंह बताते हैं कि मेरे कई लक्ष्य थे और लायबिलिटीजी भी थीं। इसमें एक लड़की और एक लड़के की शादी करनी की जिम्मेदारी शामिल थी। एक जमीन थी शहर में जिस पर मकान नहीं बना था। मैंने सोचा सबसे पहले यह तीन काम करना है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट से पहले ही उन्होंने अपने तीन मुख्य लक्ष्य तय कर लिए थे।
सही जगह इनवेस्टमेंट करना होगा
सिंह ने कहा, "रिटायरमेंट के बाद यह तीनों काम सफलतापूर्वक पूरे किए। उसके बाद कुछ पैसे उन्होंने LIC और फिक्स डिपॉजिट में इन्वेस्टमेंट किया। वे कहते हैं, "मैंने इस तरीके से प्लानिंग की थी की थी कि लड़की की शादी मैंने अच्छे से की। लड़के की भी शादी बहुत धूमधाम से की। शहर में जो जमीन मेरी खाली पड़ी थी उस पर मैंने दो फ्लोर का मकान भी बनाया। कुछ जमीन भी मैंने खरीदी।"
नौकरी के पहले दिन से प्लानिंग जरूरी
एक्सपर्ट्स के अनुसार, रिटायरमेंट प्लानिंग की शुरुआत नौकरी के पहले दिन से ही कर देनी चाहिए। रिटायरमेंट प्लानिंग के 3 सुनहरे नियम हैं। सबसे पहले लक्ष्य तय करें। बच्चों की शादी, मकान, जैसे बड़े खर्चों के लिए पहले से तैयार रहें। निवेश में विविधता का ख्याल रखें। सारा पैसा एक जगह न लगाएं।
निवेश अलग-अलग एसेट में करना होगा
FD, LIC, म्यूचुअल फंड और जमीन में बांटकर निवेश करें। आखिरी नियम यह है कि कर्ज मुक्त रहें। कोशिश करें कि रिटायरमेंट से पहले सारे लोन खत्म हो जाएं। राम स्वार्थ सिंह की कहानी बताती है कि अगर समय रहते सही योजना बनाई जाए तो रिटायरमेंट के बाद भी जिंदगी आराम और सुकून से कटती है।