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Retirement Planning: क्या हो रिटायरमेंट की सबसे बेस्ट स्ट्रेटजी? NPS, EPF और एन्युटी पर समझिए एक्सपर्ट का ये मास्टर प्लान

Retirement planning Tips: क्या आप जानते हैं कि आज जो घर ₹50000 महीने में चल रहा है, 30 साल बाद उसके लिए ₹2.2 लाख प्रति महीने की जरूरत होगी? बढ़ती उम्र, मेडिकल महंगाई और 'लॉन्जिविटी रिस्क' पर पेंशनबाजार के हेड विश्वजीत गोयल ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। जानिए 30 की उम्र में निवेश शुरू न करने की भूल आपको कैसे भारी पड़ सकती है

Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 01, 2026 पर 12:19 PM
Retirement Planning: क्या हो रिटायरमेंट की सबसे बेस्ट स्ट्रेटजी? NPS, EPF और एन्युटी पर समझिए एक्सपर्ट का ये मास्टर प्लान
आज के दौर में रिटायरमेंट से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम 'लॉन्जिविटी रिस्क' है

Retirement Planning Strategy: पहले रिटायरमेंट का फॉर्मूला बहुत सीधा और सरल हुआ करता था। 50-60 साल की उम्र तक काम करना और फिर अपनी जीवनभर की बचत के सहारे आगे का जीवन काटना। लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ी है और संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवारों का चलन बढ़ा है।

पेंशनबाजार के हेड विश्वजीत गोयल के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद 25 से 30 सालों तक अपने खर्चों का इंतजाम करना एक बड़ी आर्थिक परीक्षा बन गया है। यही वजह है कि अब रिटायरमेंट प्लानिंग को नए सिरे से देखने की सख्त जरूरत है।

'लॉन्जिविटी रिस्क': अपनी ही बचत से ज्यादा जीने का खतरा

विश्वजीत गोयल बताते हैं कि आज के दौर में रिटायरमेंट से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम 'लॉन्जिविटी रिस्क' है। इसका मतलब है कि व्यक्ति की उम्र तो लंबी हो, लेकिन उसकी जमा-पूंजी और निवेश पहले ही खत्म हो जाएं। अध्ययनों के मुताबिक, औसतन लोग 39 साल की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग सोचना शुरू करते हैं, जो कि काफी देर हो चुकी होती है।

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