SBI FD: एसबीआई में ₹1 लाख जमा करने पर कितना बढ़कर मिलेगा पैसा? जानिए 1, 3, 5 और 10 साल का पूरा गणित
SBI FD Interest Rates: अगर आप एसबीआई में फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की सोच रहे हैं, तो निवेश से पहले मैच्योरिटी की पूरी पिक्चर समझ लें। जानिए 1, 3, 5 और 10 सालों में सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों को ₹1 लाख पर कितना ब्याज मिलेगा। साथ ही समझिए टीडीएस कटौती, टैक्स स्लैब और फॉर्म 15H जमा करके टैक्स बचाने के आसान नियम, ताकि आपके हाथ आए ज्यादा से ज्यादा रिटर्न
एफडी पर मिलने वाला मैच्योरिटी अमाउंट मुख्य रूप से बैंक की ब्याज दरों और आपकी निवेश अवधि पर निर्भर करता है
SBI FD Calculator: अगर आप सुरक्षित निवेश के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि तय समय पूरा होने पर आपके हाथ में कुल कितना पैसा आएगा। एफडी पर मिलने वाला मैच्योरिटी अमाउंट मुख्य रूप से बैंक की ब्याज दरों और आपकी निवेश अवधि पर निर्भर करता है।
एसबीआई की मौजूदा रिटेल टर्म डिपॉजिट दरों के आधार पर आइए समझते हैं कि आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1 लाख का निवेश 1 से लेकर 10 सालों में कितना बढ़कर मिलेगा, और इस पर टैक्स की क्या शर्तें लागू होती हैं।
आम नागरिकों के लिए: ₹1 लाख के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?
सामान्य ग्राहकों के लिए एसबीआई की वर्तमान एफडी दरें और ₹1 लाख पर मिलने वाला अनुमानित मैच्योरिटी अमाउंट इस प्रकार है:
1 साल की एफडी (6.25% ब्याज दर): 1 साल पूरा होने पर आपका ₹1 लाख बढ़कर लगभग ₹1,06,398 हो जाएगा।
3 साल की एफडी (6.30% ब्याज दर): 3 साल की अवधि के लिए जमा की गई राशि बढ़कर लगभग ₹1,20,642 हो जाएगी।
5 साल की एफडी (6.05% ब्याज दर): 5 साल के निवेश पर यह रकम लगभग ₹1,34,982 हो जाएगी।
10 साल की एफडी: अगर 10 साल की लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाए, तो ₹1 लाख का यह जमा बढ़कर लगभग ₹1,82,400 के आसपास पहुंच जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों को कितना फायदा?
एसबीआई वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक) को सामान्य दरों के मुकाबले 0.50% (50 बीपीएस) अधिक ब्याज की पेशकश करता है।
1 साल की एफडी (6.75% ब्याज दर): वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1 लाख का निवेश 1 साल में बढ़कर लगभग ₹1,06,920 हो जाएगा।
3 साल की एफडी (6.80% ब्याज दर): 3 साल की अवधि में यह राशि बढ़कर लगभग ₹1,22,430 हो जाएगी।
5 साल की एफडी (7.05% ब्याज दर): 5 साल में 7% से अधिक दर के साथ यह राशि बढ़कर करीब ₹1,41,680 (या लगभग ₹1.42 लाख) हो जाएगी।
10 साल की एफडी: लंबी अवधि यानी 10 सालों में वरिष्ठ नागरिकों का ₹1 लाख बढ़कर लगभग ₹2,01,000 के स्तर को पार कर जाएगा।
टैक्स का गणित: क्या एफडी से मिलने वाला पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है?
अक्सर निवेशकों को लगता है कि एफडी का पूरा पैसा टैक्स-फ्री होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। इनकम टैक्स के मौजूदा नियमों के अनुसार, एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स योग्य होता है।
टैक्स की देनदारी: आपको एफडी ब्याज पर कितना टैक्स देना होगा, यह आपकी कुल सालाना आय और आपके द्वारा चुने गए टैक्स स्लैब (Old or New Tax Regime) पर निर्भर करता है।
टीडीएस (TDS) की कटौती: बैंकों द्वारा एफडी ब्याज पर एक तय सीमा के बाद स्रोत पर कर कटौती (TDS) की जाती है। ध्यान रखें कि टीडीएस कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय आप इसे अपनी कुल टैक्स देनदारी के साथ एडजस्ट कर सकते हैं या टैक्स रिफंड के रूप में क्लेम कर सकते हैं।
फॉर्म 15H के जरिए टीडीएस से राहत: वरिष्ठ नागरिक बैंक में Form 15H जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं। इसकी शर्त यह है कि धारा 87A की छूट और अन्य कटौतियों के बाद उनकी कुल आय टैक्स फ्री लिमिट यानी न्यू टैक्स रिजीम में ₹12 लाख और ओल्ड टैक्स रिजीम में ₹5 लाख तक से कम हो।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।