Bank of Baroda: ऐसे कुछ भारतीय बैंक हैं जो पर्यावरण की देखभाल करने के लिए एफडी स्कीम लेकर आ रहे हैं। बैंक भारत के एनवायरमेंट को बेहतर बनाने में मदद करने वाली योजनाओं के लिए पैसा जुटाने का काम कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रीन एफडी लॉन्च की है। यहां आपके एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा की ग्रीन एफडी के बारे में बता रहे हैं।
एसबीआई ग्रीन रुपी टर्म डिपॉजिट
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने हाल ही में एसबीआई ग्रीन रुपी टर्म डिपॉजिट (SGRTD) शुरू की है। ये स्पेशल जमा योजना है जिसका मकसद एनवायरमेंट फ्रेंडली प्रोजेक्ट के लिए पैसा जुटाना है। एसबीआई की इस योजना में कोई भी भारतीय, एनआरआई, एनआरओ पैसा लगा सकता है। एसबीआई ग्रीन रुपी टर्म डिपॉजिट (SGRTD) में तीन अलग-अलग टाइम पीरियड में निवेश किया जा सकता है। ये हैं 1,111 दिन, 1,777 दिन और 2,222 दिन। यह योजना बैंक के ब्रांच नेटवर्क के माध्यम से मिल रही है। एसबीआई ने कहा है कि इसे जल्द ही योनो और इंटरनेट बैंकिंग सर्विस जैसे डिजिटल चैनलों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। नियमित एसबीआई एफडी जमा की तुलना में थोड़ा कम ब्याज ऑफर किया जा रहा है। इस पर सालाना 6.15% - 7.40% सालाना का ब्याज मिल रहा है। जमा राशि पर लोन और ओवरड्राफ्ट सर्विस मिल रही है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थ ग्रीन टर्म डिपॉजिट स्कीम
बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने अर्थ ग्रीन टर्म डिपॉजिट स्कीम (Earth Green Term Deposit) शुरू की है। इसका उद्देश्य पैसा जुटाना है। ये पैसा एनवायरमेंट फ्रेंडली प्रोजेक्ट में लगाया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा इस पर 7.15% का सालाना ब्याज दे रहा है। आम जनता, निवासी भारतीय, एनआरआई और HNI निवेशक बॉब अर्थ ग्रीन टर्म डिपॉजिट योजना में निवेश करने के पात्र हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक और सीईओ देबदत्त चंद ने कहा कि बॉब अर्थ ग्रीन टर्म डिपॉजिट स्कीम का शुरुआत जमाकर्ताओं को स्थिर और सुरक्षित वित्तीय रिटर्न का डबल फायदा देगा। अर्थ ग्रीन टर्म डिपॉजिट के माध्यम से जुटाया गया पैसा हरित परियोजनाओं या एरिया में निवेश किया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के मौजूदा और नए ग्राहक पूरे भारत में बैंक की किसी भी शाखा के माध्यम से ग्रीन डिपॉजिट खोल सकते हैं।