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SCSS vs MIS: नियमित कमाई के लिए किस सरकारी योजना में पैसा लगाएं, समझिए पूरा कैलकुलेशन

SCSS vs MIS: नियमित कमाई के लिए MIS और SCSS अच्छे विकल्प हैं, लेकिन दोनों में क्या फर्क है? 7.4% और 8.2% ब्याज दर के साथ दोनों योजनाओं में मिलने वाली मासिक और तिमाही आय का कैलकुलेशन समझिए। जानिए निवेश की सीमा और किस स्थिति में कौन सी योजना देख सकते हैं।

Suneel Kumarअपडेटेड Sep 16, 2026 पर 3:12 PM
SCSS vs MIS: नियमित कमाई के लिए किस सरकारी योजना में पैसा लगाएं, समझिए पूरा कैलकुलेशन
60 साल या उससे ज्यादा उम्र के निवेशकों के लिए SCSS ज्यादा बेहतर विकल्प है।

SCSS vs MIS: अगर आप अपनी बचत पर नियमित कमाई चाहते हैं, तो सरकार की छोटी बचत योजनाएं अच्छा विकल्प हो सकती हैं। इनमें कुछ योजनाओं में ब्याज हर महीने मिलता है, जबकि कुछ में तिमाही भुगतान होता है। इसलिए निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि किस योजना से कितना कैश फ्लो मिल सकता है।

फिलहाल पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में ब्याज दर 8.2% है। हालांकि, दोनों योजनाओं में निवेश की सीमा और ब्याज मिलने का तरीका अलग है।

पोस्ट ऑफिस MIS में हर महीने ब्याज 

अगर आपका लक्ष्य हर महीने तय रकम पाना है, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी MIS देख सकते हैं। इसमें ब्याज हर महीने मिलता है। योजना की अवधि 5 साल है।

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