रिटायरमेंट के बाद स्थिर और संतुलित आय का प्रबंध करना कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। फिक्स्ड डिपॉजिट या एन्युइटी जैसी पारंपरिक योजनाओं के अलावा, Systematic Withdrawal Plan (SWP) एक आधुनिक और लचीला विकल्प बनता जा रहा है। इसमें आपके निवेश को पूरी तरह निकालने के बजाय हर महीने एक निश्चित राशि निकाली जाती है, जबकि बाकी धन मार्केट में निवेशित रहता है। इस योजना से रिटायर्ड लोगों को मासिक पेंशन जैसा लाभ मिलता है और वे अपने पैसे पर नियंत्रण बनाए रखते हैं।
SWP में निवेशक तय करता है कि कितनी राशि हर महीने निकालनी है। यह पैसा फंड हाउस द्वारा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है। बाकी बचा निवेश बाजार की उतार-चढ़ाव के अनुसार बढ़ता या घटता रहता है। इस योजना की खासियत यह है कि पैसा लंबे समय के लिए लॉक नहीं होता, जिससे आप जरूरत अनुसार निकासी कर सकते हैं। इसके कारण रिटायरमेंट फंड में अल्पकालीन कामयाबी या असफलता का असर संतुलित रहता है और लंबी अवधि तक फंड जीवन यापन में मदद करता है।
अधिकांश वित्तीय सलाहकार मानते हैं कि पेंशन, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और फिक्स्ड डिपॉजिट से सामान्य खर्च जैसे किराया, खाने-पीने और दवाओं के खर्च पूरे किए जाने चाहिए। SWP उन खर्चों के लिए होता है जो जीवनशैली और महंगाई के कारण होते हैं। इससे आप अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से राशि निकाल सकते हैं, जिससे रिटायरमेंट फंड लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। हालांकि केवल SWP पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि मार्केट में गिरावट पैसे की रकम को कम कर सकती है। इसलिए इसे फिक्स्ड रिटर्न प्रोडक्ट्स के साथ मिलाकर रखना होता है।
कितना निकालना सुरक्षित रहता है?
विशेषज्ञों की सलाह है कि कुल राशि का सालाना 4 से 6 प्रतिशत ही निकाला जाए। जैसे अगर किसी के पास 50 लाख रुपये हैं तो वे हर महीने 20 से 25 हजार रुपये निकालकर शुरुआत कर सकते हैं। बाजार की स्थिति के अनुसार यह राशि साल में एक बार संशोधित की जा सकती है। अधिक लाभ के लालच में ज्यादा पैसे निकालना भविष्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
SWP के तहत निकासी को निवेश की एक राशि के रूप में देखा जाता है, और केवल उस हिस्से पर टैक्स लगता है जो लाभ का होता है। इससे वार्षिक टैक्स बोझ सामान्य रूप से कम होता है। हालांकि, कुछ लोग खर्च बढ़ने पर निकासी राशि बढ़ा देते हैं, जो अंततः फंड खत्म होने का कारण बन सकता है। इसलिए नियमित समीक्षा और खर्च नियंत्रण बेहद जरूरी है।
Systematic Withdrawal Plan रिटायरमेंट में स्थिर आय, लचीलापन और क्षमता बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। समझदारी से उपयोग करने पर यह पेंशन और फिक्स्ड डिपॉजिट से बढ़कर फायदे दे सकता है, साथ ही दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करता है।