Get App

Tax Saving: हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, फिर भी नो टेंशन! सीनियर सिटीजन्स को मेडिकल खर्च पर ऐसे मिलेगा ₹50000 तक छूट

Senior Citizens Medical Expenses Tax Deduction: इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, बिना हेल्थ इंश्योरेंस वाले रेजिडेंट सीनियर सिटीजन्स एक वित्तीय वर्ष में अपने इलाज पर हुए ₹50,000 तक के मेडिकल खर्च पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि अगर बच्चे अपने बुजुर्ग और अनइंश्योर्ड माता-पिता के मेडिकल बिलों का भुगतान करते हैं, तो वे भी अपने रिटर्न में यह छूट पा सकते हैं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 07, 2026 पर 4:30 PM
Tax Saving: हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, फिर भी नो टेंशन! सीनियर सिटीजन्स को मेडिकल खर्च पर ऐसे मिलेगा ₹50000 तक छूट
यह छूट केवल तभी मिलती है जब उस सीनियर सिटीजन के नाम पर कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक्टिव न हो

Income Tax Benefit: आमतौर पर लोग मानते हैं कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80D के तहत टैक्स छूट सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर ही मिलती है। लेकिन ऐसा नहीं है। अगर किसी सीनियर सिटीजन के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं है, तब भी वे टैक्स सेविंग का फायदा उठा सकते हैं।

इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, बिना हेल्थ इंश्योरेंस वाले रेजिडेंट सीनियर सिटीजन्स एक वित्तीय वर्ष में अपने इलाज पर हुए ₹50,000 तक के मेडिकल खर्च पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि अगर बच्चे अपने बुजुर्ग और अनइंश्योर्ड माता-पिता के मेडिकल बिलों का भुगतान करते हैं, तो वे भी अपने रिटर्न में यह छूट पा सकते हैं।

आइए बजाज जनरल इंश्योरेंस के चीफ टेक्निकल ऑफिसर (कमर्शियल) अमरनाथ सक्सेना और टैक्सस्पैनर के को-फाउंडर व सीईओ सुधीर कौशिक से इस नियम को आसान भाषा में समझते हैं।

क्या हैं इसके मुख्य नियम?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें