Stock Market: Sensex 4 दिन में 2200 अंक टूटा, निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूबे, जानिए वजह

Stock Market: 4 दिन में BSE सेंसेक्स 2,271.7 अंक यानी 3.7% और निफ्टी50 691 अंक यानी 3.7% टूटा है। इस दौरान निवेशकों को 10.4 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा है।

अपडेटेड Jan 22, 2022 पर 11:29 AM
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शेयर बाजार में गिरावट का दौर

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन भी मंदी के भेंट चढ़ गया। इससे लगातार चौथे दिन गिरावट आने से निवेशकों को लंबी चपत लगी है। बाजार में बिकवाली का माहौल बना रहा। इन 4 दिनों में सेंसेक्स 2,271.7 अंक गिरकर 3.7 फीसदी और निफ्टी50 691 अंक यानी 3.8 फीसदी टूट गया। इस दौरान निवेशकों के कुल 10.4 लाख करोड़ रुपये डूब गए। वहीं निफ्टी मिडकैप, स्माल कैप सहित सभी इंडेक्स में गिरावट बनी हुई थी।

BSE की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 280 लाख करोड़ रुपये से घटकर 269.7 लाख करोड़ रुपये रह गया। बिकवाली बने रहने के पहले दोनों इंडेक्स 19 अक्टूबर को अपने ऑल-टाइम हाई से 1 फीसदी नीचे थे।

जानिए बाजार में क्यों रहा दबाव


कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से पूरी दुनिया में चिता का माहौल बना हुआ है। विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार में बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने बाजार को मूड खराब कर दिया। जिससे बाजार में गिरावट देखने को मिली। इस पूरे मामले में जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने एक नोट में कहा, “नैस्डैक के टेक हैवीवेट्स में गिरावट के साथ अमेरिकी बाजारों में लगातार पांचवें दिन कमजोरी बनी हुई है। इसका असर भारत के टेक सेक्टर पर भी दिख रहा है, जिनमें भारी कमजोरी बनी हुई है।

ग्लोबल मार्केट

अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर दिख रहा है, जहां लगातार पांचवें दिन गुरुवार को कमजोरी रही। यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद में ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते इनवेस्टर जोखिम लेने से बच रहे हैं और इसलिए अपने पोर्टफोलियो में कम रिस्की असेट्स शामिल कर रहे हैं। गोल्ड और स्विस फ्रैंक जैसी करेंसीज में मजबूती से रिस्क से बचने का पता चलता है।

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आर्थिक तंगी

न सिर्फ अमेरिका, बल्कि भारत में वित्तीय स्थिति खराब हो रही है। इसके चलते रिजर्व बैंक (आरबीआई) धीरे-धीरे लिक्विडिटी के नॉर्मलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। कॉल मनी रेट 4.55 फीसदी की ऊंचाई पर पहुंच गया, जो पिछले महीने 3.25-3.50 फीसदी के स्तर पर था। कॉल मनी रेट, वह रेट है जिस पर बैंक ओवरनाइट कर्ज लेते हैं। कॉल रेट में उछाल के साथ ही ट्राई पार्टी रेपो डीलिंग और सेटलमेंट भी 4.24 के स्तर पर पहुंच गया, जो दिसंबर के अंत तक लगभग 3.5 फीसदी था।

FPI की बिकवाली

foreign portfolio investors : फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स की बिकवाली जारी है, क्योंकि वे ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच महंगे बाजारों से निकल रहे हैं और जापान और यूरोप जैसे आकर्षक वैल्यू वाले बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। कुल मिलाकर फॉरेन इनवेस्टर्स अक्टूबर से अभी तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं।

मार्जिन और डिमांड की चिंताएं

दिसंबर में समाप्त तिमाही में भारतीय कंपनियों की अर्निंग से अभी तक उनके ऑपरेटिंग मार्जिन पर भारी दबाव के संकेत मिले हैं और इसका असर उनकी प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ रहा है। हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियों की इनीशियल कमेंट्री से रूरल इकोनॉमी पर दबाव के संकेत मिले हैं, वहीं बजाज फाइनेंस ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि शहरी क्षेत्रों के लो इनकम वाले कंज्यूमर भी महामारी से प्रभावित हुए हैं।

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