शेयर बायबैक से हुए कैपिटल गेंस पर चुकाना होगा फ्लैट 12% सरचार्ज, जानिए इनवेस्टर्स पर क्या पड़ेगा असर

सरकार ने 25 मार्च को फाइनेंस बिल 2026 में 32 संशोधन पेश किए। बाद में लोकसभा ने इन्हें पारित कर दिया। 27 मार्च को संशोधित फाइनेंस बिल पर राज्यसभा में चर्चा होगी। फिर, इस बिल के प्रावधान 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे

अपडेटेड Mar 26, 2026 पर 2:24 PM
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फ्लैट 12 फीसदी सरचार्ज की वजह से इंडिविजुअल शेयरहोल्डर्स का इफेक्टिव टैक्स काफी बढ़ जाएगा।

इंडिविजुअल इवेस्टर्स या कॉर्पोरेट इनवेस्टर्स अगर बायबैक ऑफर में शेयर बेचता है तो उससे होने वाले कैपिटल गेंस पर 12 फीसदी सरचार्ज लगेगा। यह नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। संशोधित फाइनेंस बिल में यह प्रावधान है। लोकसभा में 25 मार्च को फाइनेंस बिल पारित हो गया।

फाइनेंस बिल-2026 के प्रावधान 1 अप्रैल से लागू होंगे

सरकार ने 25 मार्च को फाइनेंस बिल 2026 में 32 संशोधन पेश किए। बाद में लोकसभा ने इन्हें पारित कर दिया। 27 मार्च को संशोधित फाइनेंस बिल पर राज्यसभा में चर्चा होगी। फिर, इस बिल के प्रावधान 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष यानी 206-27 की शुरुआत होगी।


इंडिविजुअल शेयरहोल्डर्स पर टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा

नांगिया ग्लोबल एडवाइजर्स में एमएंडए टैक्स पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने इस संशोधन पर कहा कि शेयर बायबैक से हुए कैपिटल गेंस पर फ्लैट 12 फीसदी सरचार्ज की वजह से इंडिविजुअल शेयरहोल्डर्स का इफेक्टिव टैक्स काफी बढ़ जाएगा। पहले काफी कम टैक्स लगता था। अभी जो नियम लागू है, उसमें 50 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर कोई सरचार्ज नहीं लगता है। 50 लाख से 1 करोड़ रुपये की टैक्सेबल इनकम है तो बायबैक के कैपिटल गेंस पर 10 फीसदी सरचार्ज लगता है।

शेयर बायबैक ऑफर में घट सकती है शेयरहोल्डर्स की दिलचस्पी

उन्होंने कहा, "फ्लैट 12 फीसदी सरचार्ज की वजह से टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। इससे डिविडेंड जैसे विकल्प के मुकाबले शेयर बायबैक एक महंगा रास्ता हो जाएगा। सरचार्ज की वजह से शेयर बायबैक में इंडिविजुअल शेयरहोल्डर्स की दिलचस्पी घटेगी।" उन्होंने हालांकि यह कहा कि इस संशोधन का ज्यादा असर स्मॉल और मिड साइज शेयर बायबैक पर पड़ेगा। लार्ज बायबैक जिसमें गेंस 1 करोड़ रुपये से ज्यादा होता है, वह पहले से ही 15 फीसदी सरचार्ज के तहत आता है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि ऐसे कैटेगरी के लिए सरचार्ज दरअसल 3 फीसदी घट जाएगा।

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अभी 1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये की इनकम पर 7 फीसदी सरचार्ज 

कॉर्पोरेट शेयरहोल्डर्स के लिए बायबैक पर फ्लैट 12 फीसदी सरचार्ज का असर उन स्थितियों में पड़ेगा, जिनमें टैक्सबेल इनकम 1 करोड़ रुपये होगी। पहले ऐसे कॉर्पोरेट शेयरहोल्डर्स को सरचार्ज नहीं चुकाना पड़ता था। अभी 1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये की इनकम पर 7 फीसदी सरचार्ज लगता है। झुनझुनवाला ने कहा कि दोनों ही स्थितियों में एक समान 12 फीसदी सरचार्ज की वजह से टैक्स का कुल बोझ बढ़ जाएगा। इससे बायबैक में पार्टिसिपेट करना महंगा हो जाएगा।

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