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Savings Account: क्या मध्यमवर्गीय लोगों को सारी बचत सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में रखनी चाहिए? CA ने दिया बड़ा सुझाव

Savings Account: मध्यमवर्गीय लोगों को पूरी बचत सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि कम ब्याज महंगाई से मेल नहीं खाता है। CA की सलाह है कि कुछ रकम सेविंग्स में रखें और बाकी को FD, PPF, SIP जैसे निवेश विकल्पों में बांटें।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2026 पर 11:16 PM
Savings Account: क्या मध्यमवर्गीय लोगों को सारी बचत सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में रखनी चाहिए? CA ने दिया बड़ा सुझाव

भारत में मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सेविंग्स अकाउंट को सबसे आसान विकल्प मानते हैं। लेकिन क्या सारी रकम सिर्फ वहीं रखना सही है? इसी सवाल पर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने विस्तार से समझाया कि सेविंग्स अकाउंट में पैसा रखना सुरक्षित तो है, लेकिन यह हमेशा सबसे बेहतर विकल्प नहीं होता।

सेविंग्स अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा है लिक्विडिटी यानी जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा निकालना है। मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई या अचानक खर्च के समय यह सुविधा बेहद काम आती है। साथ ही बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर (आमतौर पर 3-4%) से थोड़ी बहुत आय भी हो जाती है। लेकिन समस्या यह है कि इतनी कम ब्याज दर महंगाई की दर से मेल नहीं खाती। यानी समय के साथ सेविंग्स अकाउंट में रखा पैसा अपनी असली कीमत खोने लगता है।

CA के अनुसार, मध्यमवर्गीय लोगों को अपनी बचत को विभिन्न निवेश विकल्पों में बांटना चाहिए। उदाहरण के तौर पर:

- फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD): सुरक्षित और तय ब्याज दर वाला विकल्प है।

- रिकरिंग डिपॉजिट (RD): नियमित बचत करने वालों के लिए अच्छा है।

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