सिल्वर ने रचा इतिहास, पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार, गोल्ड भी नई ऊंचाई पर

23 जनवरी यानी शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर 4.2 फीसदी चढ़कर 100.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे 2026 में अब तक सिल्वर का रिटर्न करीब 40 फीसदी तक पहुंच गया है। 2025 में भी सिल्वर ने इनवेस्टर्स को अपने रिटर्न से हैरान किया था

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 10:53 PM
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गोल्ड में भी 23 जनवरी को तेजी दिखी। इसकी कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई।

सिल्वर ने 23 जनवरी को इतिहास रच दिया। इसकी कीमत पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार हो गई। चांदी लगातार तेजी के नए रिकॉर्ड बना रही है। शंघाई से लेकर न्यूयॉर्क तक रिटेल मार्केट्स में खरीदारी से इसकी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। सुरक्षा के लिए भी इनवेस्टर्स चांदी में निवेश कर रहे हैं।

सिल्वर 4 फीसदी के उछाल के साथ 100 डॉलर प्रति औंस के पार

23 जनवरी यानी शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर 4.2 फीसदी चढ़कर 100.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे 2026 में अब तक Silver का रिटर्न करीब 40 फीसदी तक पहुंच गया है। 2025 में भी सिल्वर ने इनवेस्टर्स को अपने रिटर्न से हैरान किया था। इसकी कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई थी। Gold में भी 23 जनवरी को तेजी दिखी। इसकी कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। गोल्ड पहली बार इस लेवल पर पहुंचा है।


ट्रंप के दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद सोने-चांदी में तेजी

डोनाल्ड ट्रंप पिछले साल जनवरी में दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने। उसके बाद से गोल्ड और सिल्वर में तेजी देखने को मिली है। इसकी वजह ग्लोबल इकोनॉमी में बढ़ती अनिश्चितता है। टैरिफ की वजह से ट्रेड में बाधा, जियोपॉलिटिकल टेंशन और मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी का असर कीमतीं धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।

सोने और चांदी की तेजी में जियोपॉलिटिकल टेंशन का भी हाथ

अमेरिकी टैरिफ का असर सिल्वर पर पड़ने की उम्मीद थी। इस वजह से इसे न्यूयॉर्क ले जाने की जल्दबाजी दिखी। इससे पिछले साल अक्तूबर में लंदन में सिल्वर की कमी हो गई। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ा। इस हफ्ते सिल्वर में तेजी की वजह अमेरिका और यूरोपीय संघ के खराब होते रिश्ते को माना जा रहा है। अब तक रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रोकने की कोशिशों का नतीजा नहीं निकला है। अमेरिका में केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की स्वायतत्ता को भी लगातार चुनौती मिल रही है।

बीते पांच सालों में सिल्वर की सप्लाई डिमांड के मुकाबले कम

ग्लोबल मार्केट में पिछले पांच सालों से सिल्वर की सप्लाई डिमांड के मुकाबले कम है। कीमतें लगातार चढ़ने से रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी भी चांदी में बढ़ी है। चीन में इनवेस्टर्स चांदी में जमकर निवेश कर रहे हैं, इसकी वजह यह है कि यह उन्हें गोल्ड का विकल्प लग रहा है। कुछ बैकों ने जल्द सिल्वर की कीमतें तीन डिजिट (डॉलर प्रति औंस) पहुंच जाने का अनुमान लगाया था। जनवरी में सिटीग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में सिल्वर का शॉर्ट टर्म टारगेट प्राइस बढ़ाकर 100 डॉलर प्रति औंस कर दिया था। उसने गोल्ड के भी 5000 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाने का अनुमान जताया था।

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सोना 23 जनवरी को न्यूयॉर्क में 4961 डॉलर के पार पहुंच गया

23 जनवरी को न्यूयॉर्क में सुबह 11:02 बजे (अमेरिकी समय के मुताबिक) स्पॉट गोल्ड का प्राइस 4,961.74 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। इस हफ्ते गोल्ड का रिटर्न 8 फीसदी रह सकता है। यह मार्च 2020 के बाद किसी एक हफ्ते में गोल्ड का सबसे ज्यादा रिटर्न होगा। 23 जनवरी को प्लैटिनम की कीमत भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई।

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