Silver Futures Price Down: चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के नतीजों से पहले सराफा बाजार को झटका लगा है। निवेशकों की सावधानी के चलते घरेलू बाजार में बुधवार को वायदा बाजार में चांदी की कीमतें ₹1705 प्रति किलोग्राम तक टूट गईं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की इस बैठक पर दुनिया भर के निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं, जिसके कारण बाजार में नए खरीदार फिलहाल दूरी बनाए हुए हैं।
MCX पर चांदी की कीमतों का ताजा हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जुलाई डिलीवरी वाली चांदी की कीमतों में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखी गई। चांदी का आज का वायदा भाव ₹1705 की गिरावट के साथ ₹248400 प्रति किलोग्राम पर आ गया। बाजार में सुस्ती के बीच इस दौरान 11162 लॉट्स का कारोबार दर्ज किया गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण निवेशक फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं और बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में $70 के नीचे फिसली चांदी
वैश्विक स्तर पर भी चांदी की कीमतों पर दबाव साफ देखा जा रहा है। न्यू यॉर्क में कॉमैक्स पर चांदी का वायदा भाव अहम 70 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया और यह मामूली कमजोरी के साथ 69.87 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के मुताबिक, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और टेक्निकल सेलिंग के चलते बुधवार को चांदी की कीमतों में यह गिरावट आई है। इसके अलावा, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों के बीच निवेशक अब सेफ-हेवन एसेट्स से आगे का रुख कर रहे हैं।
US Fed Meeting पर क्यों टिकी हैं सबकी नजरें?
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होने की पूरी उम्मीद है, लेकिन निवेशकों की दिलचस्पी फेड के अगले बयानों में है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा, 'अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा दरों को यथावत रखने की व्यापक उम्मीद है, लेकिन भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते का सुराग लगाने के लिए इसके अपडेटेड आर्थिक अनुमानों और पॉलिसी गाइडेंस को बारीकी से देखा जाएगा'।
फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी ING Think के अनुसार, यह बैठक बुलियन मार्केट के लिए एक बड़ा टेस्ट साबित होगी। निवेशक नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श के बयानों का आकलन करेंगे कि आने वाले समय में मौद्रिक नीति किस दिशा में जाएगी।
आगे क्या होगा चांदी का रुख?
विश्लेषकों का कहना है कि फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई और आर्थिक ग्रोथ को लेकर दिए जाने वाले बयानों का सीधा असर आने वाले दिनों में सराफा कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स पर देखने को मिलेगा। अगर फेड का रुख आक्रामक रहता है, तो कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।