Silver Price Crash: चांदी में भारी बिकवाली, MCX पर ₹10000 तक टूटा भाव; एक्सपर्ट बोले- सुस्त पड़ रही डिमांड

Silver Price Crash: MCX पर चांदी में तेज बिकवाली से भाव ₹10,000 तक टूट गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडस्ट्रियल-ज्वेलरी डिमांड की सुस्त पड़ रही है। उन्होंने आगे भी वोलैटिलिटी की चेतावनी दी है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 3:43 PM
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HSBC ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि चांदी की तेजी की रफ्तार अब कमजोर पड़ सकती है।

Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में गुरुवार को जबरदस्त दबाव देखने को मिला। इंट्राडे कारोबार में चांदी ₹10,000 तक टूट गई। यह बुधवार को ₹2,50,605 प्रति किलो पर बंद हुई थी। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में मार्च 2026 की MCX सिल्वर फ्यूचर्स कीमतें गिरकर ₹2,40,605 के निचले स्तर तक पहुंच गईं। इससे पहले बुधवार को भी चांदी इंट्राडे में ₹11,000 तक टूट गई थी।

सिल्वर फ्यूचर्स दोपहर 3.20 बजे तक ₹2,43,300 पर ट्रेड कर रही थी। यह एक दिन पहले के मुकाबले ₹7000 से अधिक की गिरावट है। इससे साफ है कि प्रीशियस मेटल्स मार्केट में फिलहाल वोलैटिलिटी काफी बढ़ गई है।

रीबैलेंसिंग ने बढ़ाया दबाव


चांदी की इस गिरावट की बड़ी वजह Bloomberg Commodity Index समेत बड़े कमोडिटी इंडेक्स की एनुअल रीबैलेंसिंग मानी जा रही है। यह प्रक्रिया हर साल पिछले साल के प्राइस परफॉर्मेंस के आधार पर फंड्स का वेटेज बदलने के लिए की जाती है। 2025 में प्रीशियस मेटल्स में आई तेज रैली के बाद इस बार रीबैलेंसिंग का असर बाजार पर ज्यादा दिख रहा है।

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पैसिव फंड्स ने घटाई पोजिशन

इन इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स ने गुरुवार से चांदी की पोजिशन घटानी शुरू कर दी है, ताकि नए वेटेज के मुताबिक पोर्टफोलियो एडजस्ट किया जा सके। इसी वजह से सोने में भी कुछ हद तक बिकवाली का दबाव देखा गया।

रिकॉर्ड रैली के बाद करेक्शन

यह तेज गिरावट उस रिकॉर्ड तेजी के बाद आई है, जब दिसंबर 2025 में सप्लाई टाइट होने की वजह से चांदी 83.60 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गई थी। इसके बाद अब बाजार में करेक्शन देखने को मिल रहा है।

तेजी अब टिकाऊ नहीं लगती

HSBC ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि चांदी की तेजी की रफ्तार अब कमजोर पड़ सकती है। बैंक के मुताबिक, ज्यादा वोलैटिलिटी के बीच चांदी की कीमतें अनसस्टेनेबल लेवल पर पहुंच चुकी हैं। जहां सोना अब भी सेफ-हेवन डिमांड से सपोर्ट पा रहा है, वहीं चांदी की इंडस्ट्रियल और ज्वेलरी डिमांड में कमजोरी के संकेत दिख रहे हैं।

Silver Outlook 2026

HSBC की 2026 आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की लंबी अवधि की तेजी पर कुछ रुकावटें आ सकती हैं। बैंक ने 2026 के लिए औसत सिल्वर प्राइस अनुमान बढ़ाकर 68.25 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो पहले 44.50 डॉलर था। हालांकि, 2027 में कीमतें 57 डॉलर प्रति औंस और 2029 तक 47 डॉवप प्रति औंस तक फिसलने का अनुमान है।

मांग कमजोर, सप्लाई बढ़ने के संकेत

HSBC का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और संस्थागत निवेश से चांदी को निकट अवधि में सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन, इंडस्ट्रियल डिमांड धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। ऊंचे दामों की वजह से ज्वेलरी की खपत भी दबाव में है। वहीं सप्लाई साइड पर, माइन प्रोडक्शन, बाय-प्रोडक्ट रिकवरी और रीसाइक्लिंग बढ़ने से उपलब्धता बढ़ रही है।

silver ETF

घटता सप्लाई डेफिसिट बना सकता है दबाव

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में चांदी का सप्लाई डेफिसिट करीब 230 मिलियन औंस रहने का अनुमान है, जो 2026 में घटकर 140 मिलियन औंस और 2027 में 59 मिलियन औंस रह सकता है। घटता डेफिसिट और ऊपर-ग्राउंड इन्वेंट्री में बढ़ोतरी लंबे समय में कीमतों की तेजी को सीमित कर सकती है।

आगे क्या संकेत मिलते हैं

कुल मिलाकर, HSBC का मानना है कि चांदी की कीमतों में निकट अवधि में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, बदलते डिमांड-सप्लाई समीकरण को देखते हुए मौजूदा रैली की टिकाऊपन पर सवाल बने हुए हैं। यही वजह है कि चांदी से जुड़े हिंदुस्तान जिंक जैसे स्टॉक में भी भारी बिकवाली दिख रही है।

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