सिल्वर ने तोड़ दिए सभी रिकॉर्ड, जानिये क्यों आ रही है चांदी में लगातार तेजी

Silver Rate Today: भारत में चांदी की कीमतें इस हफ्ते लगातार बढ़ती जा रही हैं। चांदी की कीमतों में यह उछाल कई घरेलू और वैश्विक वजहों से देखने को मिल रहा है। जानिये सिल्वर में लगातार तेजी क्यों आ रही है

अपडेटेड Dec 04, 2025 पर 8:50 PM
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Silver Rate Today: भारत में चांदी की कीमतें इस हफ्ते लगातार बढ़ती जा रही हैं।

Silver Rate Today: भारत में चांदी की कीमतें इस हफ्ते लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार 3 दिसंबर को यह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1,84,727 रुपये प्रति किलो के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई। सिर्फ मार्च कॉन्ट्रैक्ट ने ही 3,126 रुपये की तेजी दिखाई। MCX के आंकड़ों के मुताबिक चांदी ने 1 साल में 98%, 2 साल में 133%, 3 साल में 182% और 10 साल में 419% का जबरदस्त रिटर्न दिया है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 900 रुपये टूटकर 1,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि पिछले सत्र में यह 1,80,900 रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव बना रहा, जहां हाजिर चांदी दो प्रतिशत गिरकर 57.34 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इससे एक दिन पहले चांदी 58.97 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। जानिये सिल्वर में लगातार तेजी क्यों आ रही है।

चांदी इतनी महंगी क्यों हो रही है?

चांदी की कीमतों में यह उछाल कई घरेलू और वैश्विक वजहों से देखने को मिल रहा है। सबसे बड़ी वजह है यह उम्मीद कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरें कम कर सकता है, जिससे सोना-चांदी जैसे कीमती मेटल में निवेश बढ़ता है। इसके अलावा दुनिया भर में सिल्वर की सप्लाई बेहद कम है, स्टॉक खत्म होने के करीब हैं।


दूसरी तरफ, सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरियों और ग्रीन टेक्नोलॉजी में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। यानी चांदी अब सिर्फ एक सेफ-हेवन मेटल नहीं, बल्कि एक अहम इंडस्ट्रियल मेटल भी बन गई है। हाल के हफ्तों में सिल्वर ETF में बड़ी मात्रा में खरीद हुई है, जिससे फिजिकल मार्केट से काफी चांदी निकल गई और सप्लाई क्रंच और बढ़ गया।

लंदन मार्केट की किल्लत

लंदन, जो दुनिया का सबसे बड़ा सिल्वर ट्रेडिंग हब है, वहां हाल ही में सप्लाई क्राइसिस देखने को मिला, जिससे कीमतों में और उछाल आया। नई शिपमेंट आने के बावजूद चांदी उधार लेने की लागत बढ़ी हुई है, जो बताती है कि बाजार में अभी भी कमी है। भारत में चांदी की कीमतों पर कमजोर रुपये का भी बड़ा असर पड़ रहा है। चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए जब रुपया कमजोर होता है तो घरेलू मार्केट (MCX) में चांदी अपने-आप महंगी हो जाती है।

निवेशकों के लिए अब क्या सही रहेगा?

जिन निवेशकों को खूब मुनाफा हो चुका है, वे चाहें तो थोड़ा-सा प्रॉफिट बुक कर सकते हैं और बाकी निवेश रहने दें। नए निवेशकों को एकदम से बड़ी राशि लगाने से बचना चाहिए। धीरे-धीरे चरणों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। इतनी तेज रैली के बाद बाजार में कभी भी 3–8% की गिरावट आ सकती है, जिसे सही मौके के रूप में देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिका के रोजगार आंकड़े और 10 दिसंबर की फेडरल रिजर्व बैठक कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। रूस–यूक्रेन युद्ध से जुड़े भू-राजनीतिक फैसले भी चांदी की मांग और कीमतों पर असर डाल सकते हैं।

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