Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। दो दिन के ब्रेक के बाद बाजार खुलने से पहले MCX पर चांदी का वायदा भाव 0.07 फीसदी यानी 158 रुपये की गिरावट के साथ 2,37,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,37,658 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
वहीं, बुलियन्स के अनुसार चांदी का भाव 2,37,170 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 66.46 डॉलर प्रति औंस दर्ज की गई। दूसरी ओर, GoodReturns के मुताबिक चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर है।
प्रमुख शहरों में आज चांदी का भाव
शहरों के स्थानीय बाजारों में चांदी की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 1 किलो चांदी का भाव इस प्रकार है:
पिछले कारोबारी सत्र में कैसा रहा चांदी का भाव?
पिछले कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 0.38 फीसदी गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 749 रुपये यानी 0.31 फीसदी टूटकर 2,41,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इससे पहले चांदी में लगातार दो कारोबारी सत्रों से तेजी देखने को मिल रही थी।
चांदी की कीमतों पर क्यों बना हुआ है दबाव?
हालिया तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली ने चांदी की कीमतों को प्रभावित किया है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर बनी अनिश्चितता भी कीमती धातुओं के बाजार पर असर डाल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों से ब्याज दरों की आगे की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर पड़ता है।
कमजोर निवेश मांग बनी चिंता
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, घरेलू बाजार में चांदी जनवरी में 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक के रिकॉर्ड स्तर से 40 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुकी है और फिलहाल करीब 2.3 लाख से 2.4 लाख रुपये प्रति किलो के दायरे में है।
उन्होंने बताया कि निवेश मांग कमजोर रहने से डीलरों के पास मौजूद स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ रही है। मांग में जल्द सुधार नहीं हुआ तो भारतीय डीलरों की करीब 2,000 टन चांदी की खरीद से स्टॉक का दबाव और बढ़ सकता है।
ग्लोबल तनाव से सप्लाई की चिंता
मुड्रेक्स के विश्लेषक अक्षत सिद्धांत के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर असर और पश्चिम एशिया तथा रूस में रिफाइनरियों को हुए नुकसान ने सप्लाई से जुड़ी चिंताएं बढ़ाई हैं।
ऊंची ईंधन कीमतों के कारण महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसका असर निवेशकों के कीमती धातुओं के प्रति रुख पर पड़ सकता है।