चांदी की कीमतें 1.25 लाख रुपये तक जा सकती हैं, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

सोने और चांदी की कीमतों में उछाल है। बुल्स चांदी की कीमतें 1-1.25 लाख रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद जता रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इसने हाल में ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाया है

अपडेटेड Apr 17, 2024 पर 1:36 AM
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चांदी का इस्तेमाल भी सोने की तरह हेजिंग के लिए होता है। लेकिन, ज्यादातर समय इसकी कीमतें इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड पर निर्भर करती है।

चांदी (Silver Rates) की कीमतों ने हाल में ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाया है। सिल्वर का प्राइस 86,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। अब इसके 1-1.25 लाख रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद जताई जा रही है। सिल्वर में तेजी का अनुमान लगाने वाले बुल्स के पास अपनी दलील है। 2022 में चांदी का भाव 13-14 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था। इसके लिए करीब 25-27 डॉलर पर रेसिस्टेंस था। लेकिन, हाल में इसने 30 डॉलर के लेवल को तोड़ दिया है। बुल्स का कहना है कि अब यह ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है।

चांदी का इस्तेमाल कई चीजों के उत्पादन में होता है

सोने का इस्तेमाल लंबे समय से हेजिंग के लिए होता है। इसका स्टॉक मार्केट से भी संबंध है। गोल्ड की कीमतें उसकी डिमांड और सप्लाई और जियोपॉलिटिकल स्थितियों पर निर्भर करती हैं। एक बार चढ़ने के बाद गोल्ड की कीमतें लंबे समय तक सीमित दायरे में बनी रहती है। लेकिन, चांदी की कीमतों के चढ़ने और उतरने की दूसरी वजहें हैं। हालांकि, आर्थिक अनिश्चितता के दौरान चांदी का इस्तेमाल भी सोने की तरह हेजिंग के लिए होता है। लेकिन, ज्यादातर समय यह एक प्रमुख मेटल की तरह होती है, जिसकी कीमतें इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड पर निर्भर करती है।


चांदी की कीमतों में तेजी जारी रहने के आसार

इस बार सोने और चांदी में एक साथ तेजी दिख रही है। हालांकि, चांदी में तेजी की शुरुआत थोड़ी देर से हुई। लेकिन, अभी ऐसी कई वजहें हैं जिससे चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। इसमें सबसे पहले जियोपॉलिटिकल टेंशन है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल सेक्टर से चांदी की अच्छी मांग है। चांदी और सोने की कीमतों के लंबे अवधि के ट्रेंड को देखने पर भी संकेत मिलता है कि चांदी के लिए आने वाले दिन अच्छे रहेंगे।

क्या आपको चांदी में निवेश करना चाहिए?

इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए सोने में निवेश जरूरी है। चांदी भी सोने का विकल्प है। पोर्टफोलियो का 5-15 फीसदी हिस्सा बहुमूल्य धातुओं (सोना और चांदी) में होना चाहिए। कई लोग डायवर्सिफिकेशन के लिए सिर्फ सोने में निवेश करते हैं।

अगर कोई निवेशक सोने और चांदी दोनों में निवेश करना चाहता है तो उसे एक निश्चित अनुपात में दोनों में निवेश करना होगा। इसका मतलब है कि अगर आप 10 फीसदी निवेश बहुमूल्य धातु (सोने या चांदी) में करना चाहते हैं तो आपको 6-7 फीसदी सोने में और 3-4 फीसदी सिल्वर में करना ठीक रहेगा। आपके पास सिल्वर ईटीएफ में निवेश करने का विकल्प है।

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