SIP Calculator: अगर आप हर महीने 3000 रुपये का निवेश सिप से म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में करते हैं तो बड़ा फंड तैयार हो सकता है। यह पैसा आपके बच्चों के हायर एजुकेशन या उनकी शादी-विवाह के काम में आ सकता है। आप चाहें तो इस पैसे का इस्तेमाल रिटायरमेंट बाद के अपने खर्च के लिए भी कर सकते हैं।
निवेश में बरतना होगा अनुशासन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश में सबसे जरूरी अनुशासन है। अगर आप 3000 रुपये से निवेश शुरू करते हैं और करीब 15 साल तक हर महीने निवेश करना जारी रखते हैं तो आप आसानी से 15 लाख रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश करने पर सालाना कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न आराम से मिल जाता है। कई बार इससे ज्यादा यानी 14 फीसदी या 16 फीसदी तक रिटर्न मिल जाता है। लंबी अवधि के निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है।
लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा
कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि निवेश के रिटर्न पर भी आपको रिटर्न मिलता है। इससे आपका पैसा तेजी से बढ़ता है। कंपाउंडिंग की वजह से छोटे अमाउंट के निवेश से भी लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है। जो इनवेस्टर कंपाउंडिंग के मैजिक को समझ जाते हैं वे निवेश में अनुशासन बनाए रखते हैं। इससे 10-15 साल में उनके लिए आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है।
आइए एक टेबल की मदद से समझते हैं कि हर महीने 3000 रुपये के SIP निवेश से 15 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कितना समय लगेगा।
अगर आप कम समय में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आप स्टेट-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्टेप-अप स्ट्रेटेजी में हर साल सिप का अमाउंट बढ़ा दिया जाता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप निवेश की शुरुआत मंथली 3000 रुपये के निवेश से करते हैं। दूसरे साल आप निवेश का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। तीसरे साल भी आप SIP का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। इस स्ट्रेटेजी से कम समय में आपके लिए काफी बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है।
आइए समझते हैं कि स्टेप-अप सिप से 15 लाख रुपये का SIP तैयार करने में कितना समय लगेगा।
स्टेप-अप सिप में हम देखते हैं कि हर महीने 3000 रुपये के SIP निवेश से 15 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कम समय लगता है। चूंकि, आप SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 10 फीसदी बढ़ाते हैं, जिससे आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है। लेकिन, आपके निवेश की अवधि काफी कम हो जाती है। इसकी वजह कंपाउंडिंग का मैजिक है।
यहां टेबल में 12 फीसदी, 14 फीसदी और 16 फीसदी रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि हम तीन तरह के रिटर्न का अनुमान लगाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड के रिटर्न के बारे में पहले से कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, आम तौर पर यह देखा गया है कि लंबी अवधि तक निवेश करने पर कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न मिल जाता है। ऊपर टेबल में दी गई जानकारी सिर्फ कैलकुलेशन के लिए है।