ज्यादातर इनवेस्टर्स म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश करने के लिए मंथली सिप का इस्तेमाल करते हैं। सवाल है कि अगर मंथली की जगह रोजाना सिप से निवेश किया जाए तो क्या रिटर्न बढ़ जाएगा? ज्यादातर लोगों को ऐसा करना फायदेमंद लग सकता है, क्योंकि इसमें आपके पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है। लेकिन, सच यह है कि लंबी अवधि में इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।
निवेश के तीनों सिप की तुलना
हमने इसकी जांच करने के लिए सिप में रोजाना, मंथली और क्वार्टर्ली निवेश पर मिले रिटर्न की तुलना की। यह निवेश Nifty 50 इंडेक्स में 15 सालों के लिए किया गया। निवेश की शुरुआत 1 दिसंबर, 2010 से हुई। यह 1 दिसंबर, 2025 को पूरा हुआ। निवेश के अमाउंट को एक समान रखा गया। रोजाना सिप का अमाउंट 1,000 रुपये था। इसका मतलब है कि 15 सालों में कुल 3,719 इंस्टॉलमेंट में निवेश हुआ।
मंथली सिप में निवेश का एडजस्टेड अमाउंट 20,547 रुपये था। यह पैसा 181 किस्तों में निवेश किया गया। क्वार्टर्ली निवेश में सिप का एडजस्टेड अमाउंट 60,967 रुपये था। यह पैसा 61 इंस्टॉलमेंट में निवेश हुआ। निवेश का समय भले ही अलग-अलग था, लेकिन तीनों उदाहरण में कुल निवेश किया गया पैसा एक बराबर था।
15 साल तक निवेश के बाद हमें एक समान नतीजे देखने को मिले। रोजाना सिप से किया गया निवेश 15 साल बाद 13.83 फीसदी XIRR से बढ़कर 1.15 करोड़ रुपये हो गया। मंथली सिप से किया गया निवेश इस दौरान बढ़कर 1.14 करोड़ हो गया। इसका रिटर्न 13.80 फीसदी रहा। क्वार्टर्ली सिप से किया गया निवेश 15 साल बाद बढ़कर करीब 1.15 करोड़ रुपये हो गया। इसका XIRR 13.80 फीसदी था।
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि भले ही निवेश का समय अलग-अलग रखा गया, लेकिन लॉन्ग टर्म में रिटर्न करीब एक जैसा रहा। एक मामले में थोड़ा फर्क देखने को मिला। लेकिन, यह बहुत मामूली था। दरअसल, सिप से किया गया तीनों निवेश एक ही मार्केट साइकिल में किया गया। इसका मतलब है कि तीनों तरह के निवेश को मार्केट में एक जैसी तेजी, एक जैसे करकेक्शन और एक जैसी रिकवरी का सामना करना पड़ा। रिटर्न में सबसे बड़ा रोल इस बात का होता है कि पैसा लंबी अवधि में कितना कंपाउंड होता है और मार्केट का प्रदर्शन कैसा रहता है।
सवाल है कि फिर इनवेस्टर्स के लिए सिप से निवेश करने का बेस्ट ऑप्शन क्या है? ज्यादातर इनवेस्टर्स के लिए मंथली सिप बेस्ट है। यह मंथली सैलरी साइकिल के साथ मैच करता है। इसे ट्रैक और मैनेज करना आसान है। डेली सिप देखने में आसान लगता है लेकिन उसे ट्रैक करना और मैनेज करना मुश्किल है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को इनवेस्टमेंट की फ्रीक्वेंसी पर ज्यादा फोकस किए बगैर मंथली सिप से लंबी अवधि में निवेश पर फोकस करना चाहिए।