कई इनवेस्टर्स सिप से 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना चाहते हैं। लेकिन, उन्हें इसका रोडमैप ठीक तरह से पता नहीं होता। उनके मन में कई तरह की दुविधा होती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिप से 1 करोड़ का फंड तैयार करने में सबसे बड़ा रोल टाइम यानी समय का होता है। इसका मतलब यह है कि आप इसके लिए कितने साल तक निवेश करने के लिए तैयार हैं।
सिप से निवेश जल्द शुरू करने में बड़ा फायदा
एक करोड़ का फंड आप 5 साल, 10 साल या 20 साल में तैयार कर सकते हैं। निवेश की आपकी अवधि के हिसाब से आपका मंथली सिप अमाउंट बदल जाएगा। लेकिन, एक बात ध्यान में रखना जरूरी है कि आपका निवेश का समय जितना लंबा होगा, आपके पैसे को बढ़ने (यानी कंपाउंडिंग) के लिए उतना ज्यादा समय मिलेगा। इससे यह मतलब भी निकलता है कि सिप शुरू करने में आप जितनी देर करेंगे, आपका मंथली सिप अमाउंट उतना ज्यादा बढ़ता जाएगा।
अवधि लंबी होने पर सिप अमाउंट कम होगा
अगर आप 5 साल में 1 करोड़ का फंड सिप से तैयार करना चाहते हैं तो आपको हर महीने 1,21,232 रुपये इनवेस्ट करना होगा। इस कैलकुलेशन में सालाना रिटर्न 12 फीसदी माना गया है। अगर आप 10 साल में यह फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपको हर महीने 43,041 रुपये का निवेश करना होगा। अगर आप 20 साल में यह फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपको हर महीने सिर्फ 10,009 रुपये का निवेश करना होगा। यहां साफ है कि निवेश की अवधि लंबी होना पर सिप अमाउंट कम हो जाता है।
समय लंबा होने पर पैसे को बढ़ने का ज्यादा समय मिलता है
स्टॉकटिक कैपिटल के फाउंडर विजय माहेश्वरी ने बताया कि निवेश का आम सिद्धांत है कि निवेश की अवधि जितनी लंबी होगी, आपके पैसे को बढ़ने के लिए उतना ज्यादा समय मिलेगा। अगर कम पैसे से भी हर महीने सिप में निवेश किया जाए तो लंबी अवधि यानी 15-20 साल में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। कम अवधि में 1 करोड़ का फंड तैयार करने के लिए हर महीने सिप से बहुत ज्यादा पैसा निवेश करना पड़ेगा, जो एक आम व्यक्ति के लिए मुमकिन नहीं है।
5 साल, 10 साल और 20 साल में 1 करोड़ का फंड तैयार करने के लिए कितना निवेश करना होगा?
25 साल में सिर्फ 5270 रुपये का मंथली निवेश करना होगा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप निवेश की अवधि 20 साल से बढ़ाकर 25 साल कर देते हैं तो सिप का मंथली अमाउंट और कम हो जाता है। यह घटकर सिर्फ 5,270 रुपये रह जाता है। यह 20 साल के मंथली अमाउंट का करीब आधा है। आनंदराठी वेल्थ में डायरेक्टर प्रतिमा धवन के मुताबिक, इसकी वजह यह है कि निवेश की अवधि लंबी होने पर कंपाउंडिंग के लिए ज्यादा समय मिलता है।
निवेश की अवधि लंबी होने पर कंपाउंडिंग से बढ़ता है पैसा
5 साल में 1 करोड़ का फंड सिप से तैयार करने के लिए आपको कुल 72.74 लाख रुपये का निवेश करना पड़ता है। इस पैसे पर आपको 27.26 लाख रुपये रिटर्न मिलता है। अगर आप 25 साल में निवेश से एक करोड़ रुपये का फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपको कुल 15.81 लाख रुपये का निवेश करना पड़ता है। बाकी 84.19 लाख रुपये आपको इस पैसे पर रिटर्न के रूप में मिलता है। इसका मतलब है कि निवेश की अवधि लंबी होने पर आपको एक करोड़ रुपये के फंड के लिए कम पैसे का निवेश करना पड़ता है।
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