आज के दौर में म्यूचुअल फंड और SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) को सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में गिना जाता है। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अक्सर यह स्लोगन सुनाई देता है – म्यूचुअल फंड्स सही हैं”। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश हर किसी के लिए सही नहीं होता। हाल ही में रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ खास परिस्थितियों में लोगों को SIP से दूरी बनानी चाहिए।
सबसे पहले, कम अवधि के निवेशक। अगर आप जल्दी पैसा निकालना चाहते हैं या आपके पास लंबी अवधि तक इंतजार करने का धैर्य नहीं है, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए सही विकल्प नहीं है। SIP का असली फायदा तभी मिलता है जब आप लंबे समय तक निवेश बनाए रखते हैं।
दूसरे, जोखिम से डरने वाले लोग। म्यूचुअल फंड बाज़ार से जुड़ा होता है और इसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। अगर आप हर गिरावट पर घबराकर पैसा निकाल लेते हैं, तो आपको नुकसान ही होगा। ऐसे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉज़िट या पोस्ट ऑफिस स्कीम बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
तीसरे, टैक्स बचाने के लिए ही निवेश करने वाले लोग। कई लोग सिर्फ़ टैक्स बचाने के लिए ELSS (Equity Linked Saving Scheme) में निवेश करते हैं। लेकिन अगर आपका मकसद केवल टैक्स बचाना है और आप जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं, तो SIP आपके लिए सही नहीं है।
चौथे, जिन्हें तुरंत रिटर्न चाहिए। म्यूचुअल फंड्स में निवेश का फायदा धीरे-धीरे मिलता है। अगर आप तुरंत मुनाफा चाहते हैं, तो यह विकल्प आपके लिए नहीं है।
गलत फंड सिलेक्ट करने से औसत रिटर्न मिलता है। एक्सपेंस रेशियो 2% से ऊपर हो तो प्रॉफिट घटता है। नए निवेशक ट्रेंडिंग फंड्स में कूद पड़ते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फाइनेंशियल एडवाइजर से कंसल्ट करें या इंडेक्स फंड्स चुनें। SIP बंद करने पर एग्जिट लोड भी लगता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि SIP उन लोगों के लिए है जो लंबी अवधि की सोच रखते हैं, अनुशासित निवेश करना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं। अगर आप इन शर्तों पर खरे नहीं उतरते, तो बेहतर होगा कि आप दूसरे सुरक्षित विकल्प चुनें।