SIP Return: आपकी एसआईपी का रिटर्न नेगेटिव हो गया तो घबराइए मत, ये 8 साल वाला गोल्डन रूल याद रखिए
SIP Return: अगर आपकी SIP फिलहाल नुकसान में दिख रही है, तो घबराने से पहले यह आंकड़ा जान लीजिए। 30 साल के ऐतिहासिक डेटा में 8 साल या उससे ज्यादा अवधि की SIP ने कभी नेगेटिव रिटर्न नहीं दिया। लंबी अवधि निवेशकों के पक्ष में कैसे काम करती है, जानिए।
सबसे खराब स्थिति में 3 साल की SIP का रिटर्न -24.59% तक पहुंच गया।
SIP Return: ज्यादातर लोग SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) शुरू करते समय यह मानकर चलते हैं कि अगर लंबे समय तक निवेश जारी रखा जाए, तो शेयर बाजार आखिरकार अच्छा रिटर्न देता है। यह बात काफी हद तक सही भी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर 'लंबा समय' कितना लंबा होना चाहिए?
WhiteOak Capital Mutual Fund की SIP Analysis Report (मई 2026) के मुताबिक, BSE Sensex TRI के रोलिंग SIP रिटर्न्स बताते हैं कि सिर्फ नियमित निवेश करते रहना हमेशा काफी नहीं होता। कम अवधि की SIP में निवेशकों को नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है। भले ही वे बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान लगातार निवेश करते रहें।
3 साल की SIP में नुकसान की आशंका
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 1996 से अप्रैल 2026 के बीच 3 साल की SIP ने करीब 12% ऐतिहासिक अवधियों में नेगेटिव रिटर्न दिए। यानी हर बार SIP करने वाले निवेशकों को फायदा नहीं हुआ।
सबसे खराब स्थिति में 3 साल की SIP का रिटर्न -24.59% तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि कुछ अवधियों में निवेशकों को अच्छी-खासी पूंजी हानि भी झेलनी पड़ी। सिर्फ 3 साल ही नहीं, 5 साल की SIP भी पूरी तरह सुरक्षित साबित नहीं हुई। कुछ अवधियों में 5 साल की SIP का रिटर्न -9.48% तक नीचे चला गया।
8 साल के बाद नहीं मिला कोई नेगेटिव रिटर्न
हालांकि निवेश अवधि बढ़ने के साथ तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आई। रिपोर्ट के मुताबिक, एनालिसिस वाली अवधि में 8 साल या उससे ज्यादा समय तक चलने वाली SIP ने कभी भी नेगेटिव रिटर्न नहीं दिया। यानी 8 साल, 10 साल, 12 साल और 15 साल की सभी रोलिंग SIP अवधियों में निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न मिला।
सिर्फ इतना ही नहीं, सबसे खराब नतीजे भी समय के साथ बेहतर होते गए। जहां 3 साल की SIP का न्यूनतम रिटर्न -24.59% था, वहीं 8 साल की SIP का सबसे कम रिटर्न 3.03% और 15 साल की SIP का न्यूनतम रिटर्न 7.3% रहा। इससे संकेत मिलता है कि समय के साथ बाजार की अस्थिरता का असर कम होता जाता है और नुकसान की आशंका घटती जाती है।
सबसे ज्यादा रिटर्न छोटी अवधि में मिला
दिलचस्प बात यह है कि सबसे ऊंचे SIP रिटर्न लंबी अवधि में नहीं, बल्कि छोटी अवधि में देखने को मिले। 3 साल की SIP का अधिकतम रिटर्न 55.56% तक पहुंचा। इसके मुकाबले 15 साल की SIP का सबसे ऊंचा रिटर्न 18.18% रहा। लेकिन इसके साथ जोखिम भी काफी ज्यादा था। छोटी अवधि की SIP में रिटर्न का उतार-चढ़ाव बहुत बड़ा रहा। कुछ निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला तो कुछ को नुकसान भी उठाना पड़ा।
वहीं जैसे-जैसे निवेश अवधि बढ़ी, रिटर्न का दायरा सीमित होता गया और नतीजे ज्यादा स्थिर व अनुमानित होते गए। अलग-अलग अवधियों में औसत SIP रिटर्न लगभग 14% से 16% के बीच रहे। लेकिन समय बढ़ने के साथ बहुत ज्यादा लाभ और बहुत ज्यादा नुकसान दोनों की संभावना कम होती गई।
डबल डिजिट रिटर्न मिलने की संभावना भी बढ़ी
लंबी अवधि की SIP में 10% से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना भी काफी मजबूत होती गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 साल की SIP में केवल 67% मामलों में निवेशकों को 10% से ज्यादा रिटर्न मिला। वहीं 12 साल और 15 साल की SIP में यह सफलता दर बढ़कर 98% तक पहुंच गई। यानी निवेश की अवधि बढ़ने के साथ अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना काफी मजबूत हो जाती है।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सबक क्या है?
इस रिपोर्ट का नतीजा यह नहीं है कि SIP पूरी तरह जोखिम-मुक्त है। बाजार का जोखिम SIP में भी मौजूद रहता है और कम अवधि में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है। लेकिन डेटा यह भी दिखाता है कि निवेश की अवधि बढ़ने के साथ संभावनाएं निवेशकों के पक्ष में जाती हैं। कम अवधि में बाजार का समय और उतार-चढ़ाव रिटर्न को काफी प्रभावित कर सकते हैं, जबकि लंबी अवधि में नुकसान की संभावना तेजी से घट जाती है।
इस स्टडी से पता चलता है कि SIP में सफलता बाजार का सही समय पकड़ने से नहीं, बल्कि लंबे समय तक निवेश में बने रहने से मिलती है। बाजार को टाइम करने की कोशिश से ज्यादा जरूरी है कि निवेशक पर्याप्त समय तक बाजार में टिके रहें। यही SIP की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
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