ज्यादातर लोग सिप शुरू करते समय यह सोचते हैं वे इसे लंबे समय तक जारी रखेंगे। लेकिन, बहुत कम लोग ऐसा कर पाते हैं। जिंदगी में कई बार ऐसी स्थितियां आ जाती हैं, जब सिप बंद करना मजबूरी हो जाती है। कुछ इनवेस्टर्स मार्केट में ज्यादा गिरावट आने पर डर जाते हैं। फिर वे अपना सिप बंद कर देते हैं। कुछ इनवेस्टर्स उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिलने पर निराश होकर सिप बंद करते हैं।
ज्यादातर सिप 3-5 साल से ज्यादा नहीं चल पाते
एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के डेटा से पता चलता है कि ज्यादातर सिप 3-5 साल को पार नहीं कर पाते। कई सिप तो निवेश के बाद मार्केट में पहली गिरावट आने पर ही बंद कर दिए जाते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि इनवेस्टर्स जानबूझकर ऐसा करते हैं। दरअसल, जिंदगी की सच्चाई पेपर पर बनाए गए फाइनेंशियल प्लान से काफी अलग होती है।
कई बार सिप बंद करना निवेशक की मजबूरी होती है
कई बार ऐसी स्थितियां आ जाती हैं जब व्यक्ति के सामने बड़ा खर्च आ जाता है। कई बार बाजार में बड़ी गिरावट से निवेशक डर जाता है। मार्केट में गिरावट का असर सिप के निवेश पर भी दिखता है। रिटर्न माइनस में चला जाता है। निवेशक को लगता है कि वह बाजार में पैसा लगा रहा है और उसका पैसा बढ़ने की जगह घट रहा है। फिर वह सिप बंद कर देता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिप की एक बड़ी खासियत यह है कि जब मार्केट में गिरावट आती है तो आपको अपने निवेश पर पहले के मुकाबले ज्यादा यूनिट्स एलॉट होते हैं।
इनकम स्टेबल नहीं रह जाने पर बंद कर सकते हैं सिप
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर व्यक्ति की इनकम स्टेबल नहीं है या उसका इमर्जेंसी फंड पर्याप्त नहीं है तो सिप बंद करना समझदारी है। इसकी वजह यह है कि ऐसी स्थिति में लंबी अवधि का निवेश जारी रखने से आपको सिक्योरिटी की जगह दबाव महसूस हो सकता है। सिप बंद करने से आपको थोड़ी राहत मिल जाती है।
निवेश का लक्ष्य बदल जाने पर सिप स्टॉप कर सकते हैं
अगर आप जिस लक्ष्य के लिए सिप से निवेश कर रहे थे तो लक्ष्य बदलने पर सिप को बंद किया जा सकता है। उदाहरण के लिए अगर आपने घर खरीदने के लिए डाउनपेमेंट का पैसा जुटाने के वास्ते सिप शुरू किया था और घर खरीदने का प्लान बदल गया है तो आप सिप को बंद कर सकते हैं। आप फाइनेंशियल प्लान में बदलाव को देखते हुए अपने इनवेस्टमेंट को बैलेंस कर सकते हैं।
फंड का प्रदर्शन लगातार खराब होने पर बंद कर सकते हैं सिप
अगर आप म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन से निराश है तो सिप को बंद कर सकते हैं। कई बार फंड का प्रदर्शन प्रतिद्वंद्वी फंड्स के मुकाबले कमजोर बना रहता है। उसका रिटर्न बेंचमार्क के रिटर्न से भी नीचे चला जाता है। ऐसे में उस फंड में सिप जारी रखना समझदारी नहीं है। उस फंड में सिप को बंद कर आप दूसरी स्कीम में सिप शुरू कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा जल्दबाजी में करना ठीक नहीं है। आपके पास फंड के कमजोर प्रदर्शन को कनफर्म करने वाले ठोस डेटा होने चाहिए।