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SIP vs Lump sum: ₹10000 की SIP या ₹1.2 लाख का लंप सम? जानिए किस स्ट्रैटजी से बनेगा तगड़ा पैसा

SIP vs Lump sum: मार्केट रिकॉर्ड हाई पर है, ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है- एकमुश्त निवेश करें या SIP से धीरे-धीरे पैसा लगाएं? जानिए कौन-सी स्ट्रैटजी लंबे समय में ज्यादा मुनाफा दिलाती है और किस माहौल में कौन-सा तरीका सबसे सही साबित होता है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Nov 30, 2025 पर 5:14 PM
SIP vs Lump sum: ₹10000 की SIP या ₹1.2 लाख का लंप सम? जानिए किस स्ट्रैटजी से बनेगा तगड़ा पैसा
लंप सम निवेश आगे रहता है, क्योंकि पूरी रकम पहले दिन से कंपाउंड होती है।

SIP vs Lump sum: भारत के बेंचमार्क इंडेक्स 27 नवंबर को नई चमकदार ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इससे निवेश का माहौल रोमांचक तो दिख रहा, लेकिन उतना ही अनिश्चित भी। इस साल लगातार मजबूत आर्थिक संकेतों के बीच BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचे।

लेकिन इस उत्साह के बीच एक पुराना सवाल फिर खड़ा होता है, क्या ऐसे ऊंचे वैल्यूएशन पर एकमुश्त (लंप सम) निवेश करना ठीक है, या हर महीने SIP से धीरे-धीरे मार्केट में एंट्री करना ज्यादा समझदारी है? आइए समझते हैं कि कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है।

लंप सम के पक्ष में गणित

गणित का सीधा नियम साफ है- लंप सम निवेश आगे रहता है, क्योंकि पूरी रकम पहले दिन से कंपाउंड होती है। इसकी वजह से SIP के मुकाबले यह लंबे समय तक रिटर्न को तेज बनाता है।

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