सिप म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश का आसान तरीका है। खासकर नौकरी करने वाले लोग हर महीने अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा सिप में निवेश कर लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। शेयरों में भी सिप से निवेश कर बड़ा इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो तैयार किया जा सकता है। किसी शेयर में सिप से निवेश करने के कई फायदे हैं। इससे निवेश पर मार्केट में उतारचढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
शेयर में सिप से निवेश के फायदे
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक बड़ा फायदा यह है कि इनवेस्टर को निवेश के लिए सही समय का इंतजार करने की जरूरत नहीं रहती है। जब शेयर की कीमत गिरती है तो आप ज्यादा शेयर खरीदते है और जब कीमत बढ़ती है तो आपके डीमैट अकाउंट में कम शेयर आते हैं। इससे शेयरों में निवेश की आपकी औसत कीमत कम रहती है। शेयर में सिप से निवेश करने पर लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।
कई ब्रोकरेज फर्म देती हैं सुविधा
आजकल कई ब्रोकरेज फर्में सिप से शेयरों में निवेश की सुविधा देती हैं। अगर आपके पास पहले से किसी ब्रोकरेज फर्म का डीमैट और इनवेस्टमेंट अकाउंट है तो आप यह चेक कर सकते हैं कि उस पर शेयर में सिप से निवेश करने की सुविधा है या नहीं। अगर नहीं है तो आप किसी ऐसे ब्रोकरेज फर्म के पास नया डीमैट अकाउंट ओपन कर सकते हैं, जो सिप से शेयर में निवेश करने की सुविधा देती है। आजकल घर बैठे डीमैट अकाउंट ओपन हो जाता है।
नया डीमैट अकाउंट ओपन कर सकते हैं
डीमैट अकाउंट ओपन करने के लिए आईडी प्रूफ, बैंक डिटेल, पैन और एड्रेस प्रूफ चाहिए। केवायसी भी घर बैठे वीडियो कॉल से हो जाती है। डीमैट अकाउंट एक्टिवेट होने के बाद आप सिप से निवेश के लिए सही स्टॉक का चुनाव कर सकते हैं। आपको ऐसी कंपनी के शेयर में निवेश करना चाहिए, जिसका कैश फ्लो अच्छा हो, मैनेजमेंट अच्छा हो और प्रॉफिट बनाने का कंपनी लंबा ट्रैक रिकॉर्ड हो।
सिप सेट-अप करने के लिए अपनाए यह प्रोसेस
शेयर के सेलेक्शन के बाद आपको अपने ब्रोकरेज फर्म के ऐप में सिप सेट-अप करना होगा। आपको उस अमाउंट को सेलेक्ट करना होगा, जितना आप हर महीने शेयर में इनवेस्ट करना चाहते हैं। आप चाहे तो मंथली या क्वार्टर्ली निवेश कर सकते हैं। फिर आपको उस तारीख को सेलेक्ट करना होगा, जिस तारीख को हर महीने आप शेयर खरीदना चाहते हैं। उसके बाद अगर आपने मंथली निवेश का ऑपेशन सेलेक्ट किया है तो हर महीने फिक्सड अमाउंट आपके बैंक अकाउंट से निकल जाएगा। उस पैसे से खरीदा गया शेयर आपके डीमैट अकाउंट में आ जाएगा।