Small Savings Schemes Interest Rates: अगर आप भी अपनी कमाई को पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में निवेश करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है। सरकार ने मंगलवार, 30 जून 2026 को लगातार नौवीं तिमाही के लिए पीपीएफ, एनएससी, और केवीपी जैसी तमाम छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक) के लिए ब्याज दरें बिल्कुल वैसी ही रहेंगी जैसी पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में थीं। बाजार को इस बार दरों में संशोधन की उम्मीद थी, लेकिन सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों को फिलहाल पुरानी दरों से ही संतोष करना होगा।
अब किस स्कीम पर कितना मिल रहा है ब्याज?
जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए सभी चर्चित स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की वर्तमान ब्याज दरें इस प्रकार है:
आखिरी बार कब बदली थीं ब्याज दरें?
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बार बड़ा बदलाव फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में किया गया था। इसके बाद अप्रैल 2024 में सरकार ने केवल दो स्कीमों में बढ़ोतरी की थी 3-वर्षीय टाइम डिपॉजिट की दर 7% से बढ़ाकर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की दर 8% से बढ़ाकर 8.2% की गई थी। तब से लेकर अब तक यानी लगातार 9 तिमाहियों से बाकी सभी योजनाओं की ब्याज दरें जस की तस बनी हुई हैं।
कैसे तय होती हैं इन योजनाओं की ब्याज दरें?
क्या आप जानते हैं कि सरकार इन स्कीम्स का ब्याज कैसे तय करती है? दरअसल, स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें मार्केट यील्ड यानी बाजार के रिटर्न से जुड़ी होती हैं। वित्त मंत्रालय इसके लिए एक खास फॉर्मूले का पालन करता है, जो समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड या गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G-Secs) के रिटर्न पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए, अगर 5 साल के सरकारी बॉन्ड का रिटर्न बढ़ता या घटता है, तो उसी हिसाब से 5 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी की दरें भी तय की जाती हैं।
वैसे भले ही इस तिमाही ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी न हुई हो, लेकिन बैंकों की आम एफडी की तुलना में आज भी सुकन्या समृद्धि (8.2%), सीनियर सिटीजन स्कीम (8.2%) और एनएससी (7.7%) जैसी सरकारी योजनाएं पूरी सुरक्षा के साथ बेहतरीन रिटर्न दे रही हैं।