Investment Tips: ज्यादा रिटर्न के चक्कर में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? जानिए निवेश का वो सच जो कोई नहीं बताता
Personal Finance Tips: लोग अक्सर इस बात के पीछे पड़े रहते हैं इनवेस्टमेंट के लिए कि 'लार्ज कैप फंड बेहतर रहेगा या फ्लेक्सी कैप?', 'डायरेक्ट प्लान चुनें या रेगुलर?', 'किस म्यूचुअल फंड का 3 साल का रिकॉर्ड सबसे शानदार है?' लेकिन, वे अक्सर उस इकलौते सवाल को पूरी तरह भूल जाते हैं जो असल में उनकी अमीरी का फैसला करने वाला है 'आप हर महीने कितना पैसा बचाकर निवेश करने वाले हैं?'
समझिए निवेश में 'फंड' से ज्यादा 'रकम' क्यों मायने रखती है
Right Investment Fund vs High Savings Rate: जब लोग निवेश करने का मन बनाते हैं, तो वे अपनी पूरी ऊर्जा और समय कुछ खास सवालों के जवाब ढूंढने में लगा देते हैं। 'लार्ज कैप फंड बेहतर रहेगा या फ्लेक्सी कैप?', 'डायरेक्ट प्लान चुनें या रेगुलर?', 'किस म्यूचुअल फंड का 3 साल का रिकॉर्ड सबसे शानदार है?' लोग घंटों रिसर्च और बहस करते हैं।
लेकिन, वे अक्सर उस इकलौते सवाल को पूरी तरह भूल जाते हैं जो असल में उनकी अमीरी का फैसला करने वाला है 'आप हर महीने कितना पैसा बचाकर निवेश करने वाले हैं?'
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इसे 'होशियारी के भेष में काम टालना' कहते हैं। सही फंड चुनना मजेदार और अंतहीन बहस का विषय हो सकता है, लेकिन हर महीने जेब से ज्यादा पैसा निकालकर निवेश करना थोड़ा दर्दनाक और उबाऊ होता है। इसलिए दिमाग बड़े और जरूरी सवाल को छोड़कर छोटे सवालों में उलझ जाता है। आइए समझते हैं कि निवेश में 'फंड' से ज्यादा 'रकम' क्यों मायने रखती है।
इस गणित से समझें: बेहतर रिटर्न या ज्यादा बचत, कौन जीतेगा?
मान लेते हैं दो दोस्त हैं- इन्वेस्टर 'A' और इन्वेस्टर 'B'है। दोनों बिल्कुल शुरुआत से 10 साल के लिए निवेश करना शुरू करते हैं:
इन्वेस्टर 'A' (ज्यादा बचत, साधारण रिटर्न): यह हर महीने ₹20000 की बड़ी बचत करता है और किसी बहुत ही साधारण या सुरक्षित फंड में निवेश करता है, जहां इसे सालाना 8% का रिटर्न मिलता है।
इन्वेस्टर 'B' (कम बचत, बेहतरीन रिटर्न): यह बाजार की पूरी समझ रखता है, बेहतरीन रिसर्च करके बेस्ट फंड चुनता है और सालाना 14% का शानदार रिटर्न कमाता है। लेकिन अपनी इस काबिलियत के घमंड में वह हर महीने सिर्फ ₹12000 ही निवेश करता है।
10 साल बाद का नतीजा
10 साल पूरे होने पर साधारण रिटर्न (8%) वाले इन्वेस्टर 'A' के पास कुल ₹36 लाख का फंड जमा होगा। वहीं, अपनी काबिलियत से 14% का बंपर रिटर्न कमाने के बावजूद इन्वेस्टर 'B' के पास केवल ₹32 लाख ही जमा हो पाएंगे।
कम रिटर्न के बावजूद क्यों जीत गई 'ज्यादा बचत'?
अगर आंकड़ों को करीब से देखें, तो इन्वेस्टर 'B' इस बात में सही था कि उसने मार्केट से ज्यादा मुनाफा कमाया। मार्केट ने उसे ₹17 लाख का रिटर्न दिया, जबकि इन्वेस्टर 'A' को सिर्फ ₹13 लाख का रिटर्न मिला। इन्वेस्टर 'B' निवेश की रेस में तो जीत गया, लेकिन उसने अपनी जेब से इतना कम पैसा लगाया था कि उसका 6% का एक्स्ट्रा रिटर्न भी ₹8000 प्रति माह की कम बचत के नुकसान की भरपाई नहीं कर पाया।
शुरुआती 10 सालों में आपकी जेब का पैसा करता है 'हेवी लिफ्टिंग'
शुरुआत के सालों में ऐसा क्यों होता है? वजह साफ है शुरुआत में आपका कुल फंड छोटा होता है। जब फंड छोटा होगा, तो उस पर मिलने वाला रिटर्न रुपयों के मामले में हमेशा कम ही रहेगा, भले ही आपका रिटर्न प्रतिशत कितना भी ऊंचा क्यों न हो।शुरुआती दशक में आपके फंड को बड़ा बनाने का असली काम वह पैसा करता है जो आप हर महीने अपनी जेब से जोड़ रहे हैं।
रिटर्न का असली खेल तो बहुत बाद में शुरू होता है, जब आपका बेस बहुत बड़ा हो जाता है। लेकिन तब तक ज्यादा बचत करने वाले का फंड इतना आगे निकल चुका होता है कि बेस्ट फंड चुनने वाला कभी उसकी बराबरी नहीं कर पाता।
विडंबना यही है कि ज्यादातर लोग फंड चुनने पर तब सबसे ज्यादा सिर खपाते हैं जब उसकी अहमियत सबसे कम होती है (शुरुआत में), और जब इसकी असल जरूरत होती है, तब तक वे निवेश में दिलचस्पी खो देते हैं।
नए निवेशकों के लिए क्या है सही तरीका?
अगर आप निवेश की शुरुआत कर रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक आपको इस क्रम का पालन करना चाहिए:
अपनी बचत की क्षमता तय करें: पहले यह देखें कि आप हर महीने कितना बचा सकते हैं। फिर उस रकम को अपनी आरामदायक स्थिति से थोड़ा और ऊपर खींचें यानी जितना हो सके ज्यादा बचाएं।
फंड चुनने पर बाद में सोचें: जब निवेश की रकम तय हो जाए, तब फंड्स पर ध्यान दें। निवेश को बहुत सीधा, साधारण और उबाऊ रखें। जैसे- किसी अच्छे इंडेक्स या फ्लेक्सी कैप फंड में डाल दें।
समय को अपना काम करने दें: एक बार निवेश शुरू करने के बाद बार-बार पोर्टफोलियो को न छुएं, कंपाउंडिंग को अपना जादू दिखाने दें।
वैसे इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप कहीं भी लापरवाही से पैसा लगा दें। अगर आप पैसा सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में छोड़ देंगे, तो महंगाई आपके पैसे को खा जाएगी। वहीं अगर आप बिना सोचे-समझे क्रिप्टो या F&O जैसे सट्टेबाजी वाले जुए में पड़ गए, तो कोई भी बचत दर आपको बर्बाद होने से नहीं बचा सकती।
लेकिन अगर आपके विकल्प समझदारी भरे और सुरक्षित हैं, तो इस बात पर माथापच्ची करना बंद कर दीजिए कि कौन सा फंड बेस्ट है। ज्यादा से ज्यादा बचाएं, साधारण फंड चुनें और बार-बार चिंता करना छोड़ दें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।