स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर अब भी थोड़े महंगे, जानिए सुंदरम के विकास सचदेवा ने ऐसा क्यों कहा

विकास सचदेवा का कहना है कि इनवेस्टर्स को बैंकिंग शेयरों पर दांव लगाना चाहिए। अगर इंडिया की ग्रोथ स्टोरी जारी रहती है तो कर्ज की मांग भी बढ़ेगी। अभी बैंक कर्ज की मांग पूरी करने की अच्छी स्थिति में हैं। इसका फायदा उन्हें मिलेगा

अपडेटेड Mar 01, 2023 पर 6:37 PM
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विकास सचदेवा ने कहा कि कहा कि इनवेस्टर्स के लिए सबसे जरूरी है अच्छी कंपनियों की पहचान करना। छोटी अवधि में मुनाफा कमाने के पीछे भागने से उन्हें नुकसान हो सकता है।

शेयर मार्केट में हालिया कमजोरी के बीच स्मॉलकैप (Smallcap) और मिडकैप शेयरों (Midcap Shares) की काफी पिटाई हुई है। इससे उनकी कीमतें पीक से काफी नीचे आ गई हैं। इसके बावजूद Sundaram Alternates के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास एम सचदेवा का मानना है कि अब भी इनकी कीमतें ज्यादा हैं। उन्होंने इकोनॉमी से लेकर निवेश की रणनीति सहित कई मसलों के बारे में बताया। ऐसे वक्त जब बाजार की दिशा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है, उनकी सलाह आपके बहुत काम आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम पिछले 20 साल से इंडिया को इनवेस्टमेंट का अट्रैक्टिव डेस्टिनेशन बता रहे हैं। अब हमने पूरी दुनिया को इंडिया की ताकत को दिखाना चाहते हैं।

बैंकिंग सेक्टर में निवेश देगा मुनाफा

सचदेवा का मानना है कि बैंकिंग शेयरों में निवेश करने से अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। उन्होंने कहा कि बैंकों का संबंध इंडियन इकोनॉमी से है। अगर इंडियन इकोनॉमी ग्रोथ करेगी तो कंपनियों और लोगों को कर्ज की जरूरत बढ़ेगी। अभी बैंक कर्ज की मांग पूरी करने की अच्छी स्थिति में हैं। एक चीज जो हम देख रहे हैं वह है एनालिटिक्स का बढ़ता इस्तेमाल। बैंक नए ग्राहक बनाने और उन्हें अपने साथ बनाए रखने के लिए एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप स्ट्रक्चर ग्रोथ स्टोरी की बात करें तो बतौर एक सेक्टर बैंकिंग की ग्रोथ पक्की है। खास बात यह है कि यह मामला लोकल नहीं है बल्कि यह ग्लोबल बन रहा है।


अच्छी क्वालिटी की कंपनियों की करें पहचान

उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स के लिए सबसे जरूरी है अच्छी कंपनियों की पहचान करना। उन्हें पहले अच्छी और हाई-क्वालिटी कंपनियों की पहचान करनी होगी। उन्हें छोटी अवधि में मुनाफा कमाने के पीछे नहीं भागना होगा। आपको हाई-कैश फ्लो और ROC-जेनरेटिंग कंपनियों की तलाश करनी चाहिए। ये कंपनियां इंडिया की ग्रोथ स्टोरी तय करेंगी। हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हम एक लोकतांत्रिक देश हैं। हमें कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े मसलों पर ज्यााद ध्यान देना होगा। धीरे-धीरे इंडियन कंपनियां इस बात को समझ रही हैं।

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर अब भी महंगे

सचदेवा ने कहा कि उनके पोर्टफोलियो में लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सहित हर तरह के शेयर हैं। दरअसल हमारा फोकस बेस्ट कंपनी में बेस्ट वैल्यूएशन पर निवेश करने पर होता है। अभी मिडकैप और स्मॉलकैश शेयर गिरावट के बाद भी थोड़े महंगे दिखाई देते हैं। हमें थोड़ा और इंतजार करना होगा। इसलिए हम अभी जो जरूरत है उसे पिक कर रहे हैं। अभी ऐसा वक्त है जिसमें हमें थोड़ी सावधानी बरतनी होगी।

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