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ज्यादा पेंशन के लिए 15,000 रुपये से ज्यादा सैलरी पर एक्स्ट्रा 1.6% कंट्रिब्यूशन नहीं करना होगा

सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 की स्कीम की उस शर्त को अवैध ठहराया जिसमें कहा गया था कि एंप्लॉयीज को 15,000 रुपये से ज्यादा की सैलरी पर अतिरिक्त 1.6 फीसदी कंट्रिब्यूशन करना जरूरी है। ईपीएफओ और केंद्र सरकार ने केरल, राजस्थान और दिल्ली हाई कोर्ट्स के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 08, 2022 पर 10:58 AM
ज्यादा पेंशन के लिए 15,000 रुपये से ज्यादा सैलरी पर एक्स्ट्रा 1.6% कंट्रिब्यूशन नहीं करना होगा
देश की सबसे बड़ी अदालत ने यह भी कहा है कि पात्र कर्मचारी जो अंतिम तारीख तक स्कीम में शामिल नहीं हो सके हैं उन्हें इसके लिए अतिरिक्त मौका दिया जाना चाहिए।

Supreme Court decision on Pension: सुप्रीम कोर्ट ने पेंशन को लेकर बड़ा फैसला दिया है। उसने कहा है कि एंप्लॉयीज पेंशन अमेंडमेंट (स्कीम), 2014 में शामिल प्रावधान विधिसम्मत और वैध हैं। देश की सबसे बड़ी अदालत ने पेंशन फंड ज्वाइन करने के लिए हर महीने 15,000 रुपये सैलरी की सीमा को रद्द कर दिया है।

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि स्कीम में संशोधन के बाद मैक्सिमम पेंशनएबल सैलरी हर महीने 15,000 रखनी होगी। सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने यह फैसला दिया। इस बेंच में चीफ जस्टिस यू यू ललित के अलावा दो और न्यायाधीश शामिल थे।

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बेंच ने कहा है कि संशोधित स्कीम में मेंबर्स के लिए मासिक 15,000 रुपये से ज्यादा की सैलरी अमाउंट पर 1.6 फीसदी के रेट से कंट्रिब्यूशन के नियम को भी रद्द कर दिया है। उसने कहा है कि 1.6 फीसदी का अतिरिक्त कंट्रिब्यूशन 1952 एक्ट के प्रावधानों के अधिकार क्षेत्र के बाहर है।

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